अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश जारी किया। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीबीआई को FIR दर्ज करने और दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस सारंग वी. कोतवाल और जस्टिस रंजितसिंहा आर. भोंसले की पीठ ने कहा कि जांच एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। अदालत ने जांच अधिकारी को दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी पहलुओं और परिस्थितियों की जांच करने का निर्देश दिया है।
CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश
अदालत ने सीबीआई के मुंबई क्षेत्र के ज्वाइंट डायरेक्टर को निर्देश दिया कि वह एक वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारी नियुक्त करें। यह अधिकारी सतीश सालियान का बयान दर्ज करेगा और उनकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाएगा।
हाईकोर्ट ने साथ ही स्पष्ट किया कि FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को अपराधी या आरोपी मान लिया गया है। अदालत के मुताबिक, किसी व्यक्ति को तभी आरोपी माना जाएगा जब जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री या उचित संदेह का आधार सामने आए।
मुंबई पुलिस को सभी रिकॉर्ड CBI को देने होंगे
हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े दस्तावेज और जांच रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद सीबीआई मामले की नए सिरे से जांच करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेगी।
अदालत ने यह भी कहा है कि अगर जांच के दौरान कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है तो जांच अधिकारी को जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। वहीं, अगर जांच में कोई संज्ञेय अपराध नहीं मिलता है तो उचित क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा सकती है। दिशा के पिता को ऐसी रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी रूप से आपत्ति दर्ज कराने की स्वतंत्रता रहेगी।
2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उस समय दिशा की उम्र 28 वर्ष थी। वह मनोरंजन जगत में बतौर सेलिब्रिटी मैनेजर काम कर रही थीं और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से भी पेशेवर रूप से जुड़ी थीं। उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी।
दिशा की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच की थी और इसे आत्महत्या से जुड़ा मामला माना था। हालांकि, बाद में दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए अदालत का रुख किया और FIR दर्ज करने तथा स्वतंत्र जांच की मांग की।
पिता ने उठाए थे जांच पर सवाल
सतीश सालियान की याचिका में उनकी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की गई थीं। उन्होंने मामले में कथित गड़बड़ियों और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी। इससे पहले अगस्त 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी मुंबई पुलिस से सवाल किया था कि पिता द्वारा संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई।
याचिका में लगाए गए आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं। अदालत ने हालांकि यह स्पष्ट रखा कि सिर्फ आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता और अंतिम निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।
अब आगे क्या होगा?
अब CBI मामले की औपचारिक जांच शुरू करेगी। एजेंसी दिशा सालियान के पिता का बयान दर्ज करने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य जांच सामग्री को अपने कब्जे में लेगी। जांच के दौरान एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या मामले में किसी आपराधिक कृत्य के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिशा सालियान की मौत के कुछ दिनों बाद ही सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं को लेकर वर्षों से सार्वजनिक और मीडिया स्तर पर अलग-अलग दावे और चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, CBI जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण केवल जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर होगा।
