उत्तर प्रदेश में मानसूनी बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, प्रभावित परिवारों को 2.04 लाख से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
16 जिले बाढ़ की चपेट में
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक कुल 25 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान में करीब 1.44 लाख की आबादी प्रभावित है, जबकि अब तक प्रभावित कुल आबादी का आंकड़ा 2.19 लाख से अधिक बताया गया है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,618 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। इसके अलावा लोगों के लिए 1,281 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, जिनमें से 75 इस समय संचालित हैं। इन शरणालयों में 2,240 लोग रह रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक 810 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जबकि 127 टीमें वर्तमान में काम कर रही हैं।
जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 1,07,347 क्लोरीन टैबलेट और 45,338 ORS पैकेट वितरित किए गए हैं। रिपोर्ट में अब तक बाढ़ के कारण जनहानि और पशुहानि का आंकड़ा शून्य बताया गया है, जबकि 208 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है।
पशुधन के लिए भी व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी राहत व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 2,345 क्विंटल से अधिक भूसा उपलब्ध कराया गया है।
बचाव और राहत कार्यों के लिए नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 536 नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और आश्रय उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाना और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखना है।
