2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों पर UAPA के तहत मामला दर्ज है।
मामले की सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पाइस ने दलील दी कि पिछली सुनवाई के बाद परिस्थितियों में कुछ बदलाव हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में अभी आरोप तय नहीं हुए हैं और अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही भी शुरू नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला लंबित
उमर खालिद की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले से जुड़ी एक Special Leave Petition (SLP) सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। निचली अदालत ने भी संकेत दिया था कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करेगी।
उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था, जबकि शरजील इमाम को अगस्त 2020 में गिरफ्तार किया गया था। दोनों की जमानत याचिकाएं इससे पहले भी निचली अदालत में खारिज हो चुकी हैं।
दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध किया
दिल्ली पुलिस ने दोनों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। पुलिस ने अदालत में आरोप लगाया कि उमर खालिद और शरजील इमाम दंगों की साजिश में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों में शामिल थे। यह पुलिस का आरोप है, जिसे दोनों आरोपियों की ओर से चुनौती दी गई है।
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें दोनों की हिरासत और जमानत से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया था।
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत
सितंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को उस फैसले को बरकरार रखा था। हालांकि, उसी दौरान मामले के कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी।
बाद में जुलाई 2026 में ट्रायल कोर्ट ने भी उमर खालिद की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि उस स्तर पर जमानत देने का आधार नहीं बनता।
क्या है 2020 दिल्ली दंगा मामला?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग आरोपों के तहत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए। उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ भी UAPA सहित गंभीर धाराओं के तहत मामला चल रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया ट्रायल और सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही के आधार पर आगे बढ़ेगी।
