नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लायदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की जमकर सराहना की है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुई एक गंभीर घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारना पड़ा। इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए, लेकिन गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने ऐसा कदम उठाया जिससे यात्रियों और क्रू को कॉकपिट तक पहुंचने में मदद मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस धैर्य, साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह गर्व की बात है। पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें नेतन्याहू ने कहा था कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी संभावित त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फ्लाइट के कॉकपिट में क्या हुआ?
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई। Boeing 737 MAX 8 विमान दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। विमान में कुल 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन और सह-पायलट के बीच गंभीर झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान के नियंत्रण में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। घटना के कारण विमान तेजी से नीचे आने लगा।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कुछ ही समय में यात्रियों और क्रू को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। विमान से आपात संकेत भेजे गए और बाद में इसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में घायल होने के बाद भी कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद एक यात्री और विमान में मौजूद अन्य लोगों को कॉकपिट के अंदर पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
एक यात्री यानिव हायून ने बाद में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को घटना के बारे में बताया। उनके मुताबिक, कैप्टन मच्छार घायल होकर कॉकपिट के पास गिर गए थे, लेकिन उन्होंने दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर दूसरे पायलट को नियंत्रण से हटाया। एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने बाद में विमान को संभालने में मदद की।
विमान आखिरकार सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतरा। विमान में मौजूद सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना के बाद कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
PM मोदी ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनके धैर्य, उपस्थिति-बुद्धि और साहस ने लोगों को गर्व महसूस कराया। पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भारतीय पायलट की भूमिका को संभावित बड़ी विमान त्रासदी को रोकने से जोड़ा था।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। नेतन्याहू के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और क्रू को स्थिति संभालने का मौका मिला।
सऊदी अरब में हुआ विमान का इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद फ्लाइट FZ1073 को उसके मूल गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। बाद में यात्रियों को उनके अंतिम गंतव्य तेल अवीव पहुंचाने के लिए फ्लायदुबई की ओर से दूसरी उड़ान की व्यवस्था की गई।
इस घटना के बाद सऊदी अरब में भारतीय मिशन ने भी कैप्टन मच्छार की स्थिति पर नजर रखी। भारतीय दूतावास के अनुसार, उन्हें तबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय कमर्शियल पायलट हैं और उनके पास एक दशक से ज्यादा का उड़ान अनुभव है। वे पहले SpiceJet के साथ भी काम कर चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जून 2022 से वे flydubai के Boeing 737 बेड़े में कैप्टन के तौर पर कार्यरत हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें Boeing 737 विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव है। 30 सितंबर की घटना के बाद उनकी बहादुरी की चर्चा भारत और विदेशों में हो रही है।
सह-पायलट के खिलाफ जांच जारी
इस पूरे मामले की जांच अब सऊदी अरब और संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही है। सह-पायलट की पहचान और घटना के पीछे की वजहों को लेकर जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में सह-पायलट को ओमान का नागरिक बताया गया है, हालांकि घटना के मकसद को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फ्लाइट में हुई इस घटना ने विमान सुरक्षा और कॉकपिट सिक्योरिटी को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले घटना के मकसद या इसे किसी विशेष श्रेणी की घटना के रूप में परिभाषित करना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि विमान में सवार 174 लोगों की जान बच गई और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतार लिया गया। कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भारत और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व ने भी सार्वजनिक रूप से उनकी बहादुरी की सराहना की है।
