असम में स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन पर विवाद शुरू हो गया है। CJP नेता आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि अगर राज्य के स्कूलों में सब कुछ बेहतर है, तो फिर स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी क्यों लगाई जा रही है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी टीम स्कूलों को लेकर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने में व्यस्त हैं, जबकि दूसरी ओर स्कूलों में प्रवेश को लेकर नई पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इस वजह से डर गई है?
क्या हैं स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन?
असम के शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, स्कूलों को सुबह की प्रार्थना शुरू होने से पहले मुख्य गेट बंद करने को कहा गया है। बाहरी लोगों को स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।
इसके अलावा कक्षाओं या स्कूल की अन्य गतिविधियों के दौरान बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाने पर भी रोक रहेगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और स्कूल परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है।
नई गाइडलाइन 1 अक्टूबर से लागू होने वाली हैं।
हिरासत के बाद से सरकार पर लगातार हमलावर हैं रांका
आशुतोष रांका इससे पहले असम में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और स्कूलों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चला चुके हैं। गुवाहाटी में CJP की बैठक से पहले उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था।
रिहाई के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रांका ने आरोप लगाया था कि उन्हें और उनकी टीम को अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया। उनका दावा था कि जब उन्होंने पुलिस से हिरासत का आधार पूछा तो अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं।
अब स्कूलों को लेकर जारी नई गाइडलाइन के बाद रांका ने एक बार फिर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार पर सवाल उठाए हैं।
