नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form 6 में किए गए उस अतिरिक्त बदलाव को हटा दिया है, जिसमें आवेदकों से Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही थी। यह बदलाव उन राज्यों में हटाया गया है जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
चुनाव आयोग ने यह कदम 26 सितंबर को लिए गए फैसले के चार दिन बाद उठाया है। आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया था कि जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया नहीं चल रही है, वहां मतदाता पंजीकरण के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
ECINET पोर्टल से हटाया गया अतिरिक्त Declaration
रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग के ECINET एप्लिकेशन पोर्टल पर ऑनलाइन Form 6 में एक अतिरिक्त Declaration जोड़ा गया था। इसमें नए मतदाताओं से उनके या उनके माता-पिता/दादा-दादी के पिछले SIR के दौरान मतदाता सूची में शामिल होने से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही थी।
यह अतिरिक्त हिस्सा मूल वैधानिक Form 6 में शामिल नहीं था। जुलाई में इस बदलाव की रिपोर्ट सामने आने के बाद इसको लेकर सवाल उठे थे।
अब SIR पूरा कर चुके राज्यों में ECINET पोर्टल से यह अतिरिक्त Declaration हटा दिया गया है। हालांकि, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां यह प्रावधान लागू रहने की बात सामने आई है।
दो चुनाव आयुक्तों ने उठाई थी आपत्ति
Form 6 में किए गए इस बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने इस बदलाव को ‘illegal’ और ‘unauthorised’ बताते हुए इसे हटाने की मांग की थी।
इस बदलाव के तहत नए मतदाताओं से यह जानकारी मांगी जा रही थी कि उनका नाम पिछली SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में था या नहीं। इसके अलावा माता-पिता या दादा-दादी के नाम से जुड़ी जानकारी का विकल्प भी दिया गया था।
26 सितंबर को आयोग ने दी थी सफाई
इस पूरे मामले के बीच 26 सितंबर को चुनाव आयोग ने SIR और Form 6 को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की थी। आयोग ने कहा था कि non-SIR period में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
आयोग ने साथ ही ECINET सिस्टम की कानून और नियमों के अनुरूप समीक्षा के लिए एक समिति बनाने की भी घोषणा की थी। इस समिति में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त के अलावा IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किए जाने की बात कही गई थी।
SIR को लेकर विवाद के बीच बड़ा बदलाव
Form 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस चल रही थी। जुलाई में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन Form 6 में जोड़ा गया नया हिस्सा वैधानिक फॉर्म में किए गए औपचारिक संशोधन के बिना ECINET पोर्टल पर दिखाई दे रहा था।
अब SIR पूरी हो चुकी जगहों पर इस अतिरिक्त Declaration को हटाने का फैसला आयोग के 26 सितंबर के स्पष्टीकरण के अनुरूप है। हालांकि, जहां SIR अभी जारी है, वहां प्रक्रिया के दौरान संबंधित प्रावधान जारी रह सकता है।
नए मतदाताओं के लिए क्या बदलेगा?
SIR पूरी हो चुकी जगहों पर सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में अब Form 6 के साथ अतिरिक्त SIR Declaration की आवश्यकता नहीं होगी। नए मतदाता सामान्य नियमों के तहत Form 6 के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वहीं, SIR वाले राज्यों में प्रक्रिया अलग हो सकती है। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि SIR के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची से छूटे लोग continuous updation के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब नजर इस बात पर है कि SIR प्रक्रिया वाले राज्यों में Form 6 और ECINET सिस्टम को लेकर आगे क्या बदलाव किए जाते हैं।
