उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है। गुरुवार को नगर निगम की टीम मस्जिद के उस हिस्से को हटाने का काम कर रही थी, जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है। इसी दौरान मस्जिद के एक हिस्से को क्षति पहुंची।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि चत्री चौक स्थित मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान कुछ नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में किसी की मौत नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है।
कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि मौके पर धार्मिक समुदाय के सदस्यों और प्रशासन के बीच बातचीत चल रही है। प्रशासन ने अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मस्जिद कमेटी ने प्रशासन की जल्दबाजी पर उठाए सवाल
मस्जिद कमेटी के एक सदस्य ने कार्रवाई को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब कमेटी और समुदाय के लोग खुद मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम कर रहे थे, तो प्रशासन को हस्तक्षेप करने की इतनी जल्दी क्यों थी।
कमेटी के सदस्य के मुताबिक, पहले से हुई सहमति के तहत समुदाय के लोग जालियां और मीनारों समेत प्रभावित हिस्सों को स्वयं हटा रहे थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कमेटी ने यह भी कहा है कि वह मस्जिद के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
सिम्हस्थ 2028 की तैयारियों के तहत हो रहा सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में सिम्हस्थ 2028 को देखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी परियोजना के तहत कई जगह सड़क की सीमा में आने वाले निर्माण और धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्सों को हटाया जा रहा है।
शाही मस्जिद को लेकर पिछले दिनों भी तनाव की स्थिति बनी थी। 28 सितंबर को मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस पर पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था।
इसके बाद पुलिस ने हिंसा, कथित भ्रामक जानकारी और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या उकसाने वाली पोस्ट के मामले में कई एफआईआर दर्ज कीं। 30 सितंबर तक पुलिस के मुताबिक आठ एफआईआर में 35 लोगों को आरोपी बनाया गया था और 20 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। पुलिस सीसीटीवी, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच कर रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौके पर भीड़ न जुटाएं और सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट जानकारी को आगे न बढ़ाएं।
