उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जाने को लेकर विवाद जारी है। मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान गुरुवार को एक हिस्से को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने इसे सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान हुआ नुकसान बताया है।
मस्जिद कमेटी का कहना है कि समुदाय के लोग पहले से ही प्रशासन के साथ सहमति के तहत प्रभावित हिस्से को स्वयं हटा रहे थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से बीच में कार्रवाई किए जाने की जरूरत पर कमेटी ने सवाल उठाया है।
कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि उनका विरोध जारी रहेगा, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। कमेटी का कहना है कि वह कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से मस्जिद के मुद्दे को उठाती रहेगी।
28 सितंबर को बिगड़ा था माहौल
शाही मस्जिद को लेकर विवाद 28 सितंबर को उस समय बढ़ गया था, जब सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद पुलिस और भीड़ के बीच टकराव हुआ तथा पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसके बाद प्रशासन ने सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और उकसाने वाली सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर तक इस मामले में आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। 35 लोगों को आरोपी बनाया गया था और 20 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। जांच में सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज के साथ-साथ सोशल मीडिया पोस्ट को भी शामिल किया गया है।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर है पूरा विवाद
यह कार्रवाई सिम्हस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान का हिस्सा है। प्रस्तावित सड़क के लिए कई निर्माणों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि शहर में यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए सड़क विकास जरूरी है।
वहीं, मस्जिद कमेटी की ओर से इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई है। इससे पहले इस मामले को लेकर कानूनी चुनौती भी दी गई थी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने सितंबर में सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। दूसरी ओर, मस्जिद कमेटी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।
