नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र 2026 के दौरान राज्यसभा में भाजपा सांसद विनोद तावड़े ने देश में स्किन डोनेशन (त्वचा दान) और स्किन बैंकिंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से झुलसे (Burn Injury) मरीजों के उपचार और उनके जीवन बचाने में दान की गई त्वचा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
विशेष उल्लेख (Special Mention) के दौरान विनोद तावड़े ने बताया कि त्वचा दान से प्राप्त स्किन गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए अस्थायी सुरक्षा कवच (Temporary Protective Covering) का कार्य करती है। इससे संक्रमण (Infection) का खतरा कम होता है, शरीर से अत्यधिक तरल पदार्थ (Fluid Loss) के नुकसान को रोका जा सकता है तथा मरीज को स्थायी उपचार (Definitive Treatment) मिलने तक महत्वपूर्ण सुरक्षा मिलती है।
उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों से देशभर में स्किन बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार करने, आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा लोगों के बीच त्वचा दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि मजबूत स्किन बैंकिंग व्यवस्था से हजारों गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी रिकवरी की संभावना भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग गंभीर जलन की घटनाओं का शिकार होते हैं। ऐसे में स्किन डोनेशन और प्रभावी स्किन बैंकिंग सिस्टम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
