सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को एक खास बदलाव देखने को मिलेगा। शीर्ष अदालत के तीन नवनियुक्त न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण समारोह पहली बार सुबह के बजाय दोपहर में आयोजित किया जाएगा। आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट के नए न्यायाधीशों को कार्यदिवस पर सुबह 10:30 बजे शपथ दिलाई जाती है, लेकिन इस बार समारोह दोपहर 3:30 बजे होगा।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।
1950 में स्थापना के बाद पहली बार बदला शपथ ग्रहण का समय
सुप्रीम कोर्ट की स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी। तब से नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण की परंपरा सामान्य तौर पर सुबह अदालत की कार्यवाही शुरू होने के समय के आसपास रही है। सुप्रीम कोर्ट में कार्यदिवस पर अदालतें आमतौर पर सुबह 10:30 बजे बैठती हैं और इसी समय के आसपास नए न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती रही है।
मंगलवार को होने वाला समारोह इस लिहाज से अलग है, क्योंकि पहली बार तीन नए जजों का शपथ ग्रहण दोपहर 3:30 बजे रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय में बदलाव का कोई औपचारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन नए न्यायाधीशों की सुविधा को इसके पीछे प्रमुख वजह माना जा रहा है।
कौन-कौन से जज सुप्रीम कोर्ट पहुंचेंगे?
सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए तीनों न्यायाधीश अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
- न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश थीं।
- न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे।
- न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को इन तीनों नामों की शीर्ष अदालत में नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी। कॉलेजियम की अध्यक्षता तत्कालीन CJI सूर्यकांत कर रहे थे। कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश—न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा—भी शामिल थे।
इसके बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तीनों न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ।
हाईकोर्ट में विदाई कार्यक्रम भी बने वजह
शपथ ग्रहण के समय में बदलाव के पीछे नए जजों के कार्यक्रम और सुविधा को भी एक वजह माना जा रहा है। न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल को सोमवार को ही उनके पद से विदाई देने के लिए फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस आयोजित किया गया था।
वहीं, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सम्मान में दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार दोपहर 12 बजे फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस आयोजित किया जाना है। ऐसे में सुबह सुप्रीम कोर्ट में शपथ लेने के बजाय दोपहर में समारोह रखने से उनके कार्यक्रम को लेकर सुविधा हो सकती है।
न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह के मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट में विदाई कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका, क्योंकि वह शपथ ग्रहण के लिए सोमवार को ही दिल्ली रवाना हो गए थे। केंद्र सरकार ने उनकी जगह न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी को तेलंगाना हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
सुप्रीम कोर्ट में अब 37 जज होंगे
इन तीन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 38 है। यानी इन नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में सिर्फ एक पद खाली रहेगा।
तीनों न्यायाधीशों के अनुभव को देखते हुए इनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वे अलग-अलग हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम कर चुके हैं और अब देश की सर्वोच्च अदालत में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
सुनीता अग्रवाल होंगी सुप्रीम कोर्ट की तीसरी महिला जज
न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति एक और वजह से महत्वपूर्ण है। वह सुप्रीम कोर्ट की तीसरी महिला न्यायाधीश होंगी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति वी. मोहना महिला न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत हैं। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना सितंबर 2027 में भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने वाली हैं।
न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पदोन्नत कर सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है। उनके कार्यकाल की अवधि अप्रैल 2031 तक है। वहीं न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह वर्ष 2030 में सेवानिवृत्त होंगे।
दोपहर 3:30 बजे होगा समारोह
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक सूचना के अनुसार, तीनों न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार, 6 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। समारोह को सुप्रीम कोर्ट की ओर से लाइव-स्ट्रीम भी किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के बाद पहली बार शपथ ग्रहण समारोह का समय इस तरह दोपहर में रखा गया है। ऐसे में मंगलवार का समारोह न केवल तीन नए न्यायाधीशों के पदभार संभालने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि शीर्ष अदालत की स्थापित परंपरा में एक उल्लेखनीय बदलाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।
