लद्दाख में जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े संस्थान हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग (HIAL) को लेकर सख्त कदम उठाया है। लेह प्रशासन ने फ्यांग स्थित Desert Flower School में फिलहाल सभी गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया है। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि स्कूल में कक्षाएं और अन्य गतिविधियां संबंधित अधिकारियों की जरूरी अनुमति, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और मंजूरी लिए बिना शुरू की जा रही थीं।

यह नोटिस ऐसे समय जारी किया गया है, जब HIAL से जुड़ा जमीन का मामला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में लंबित है। प्रशासन ने संस्थान की सह-संस्थापक और फाउंडर एवं CEO गीतांजलि जे. आंगमो को निर्देश दिया है कि अदालत का अंतिम फैसला आने या आगे कोई आदेश जारी होने तक स्कूल के संचालन अथवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कदम न उठाया जाए। साथ ही मामले में यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है।

1 नवंबर को तहसीलदार लेह ने जारी किया नोटिस

हिंदुस्तान टाइम्स की ANI के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, लेह के तहसीलदार कार्यालय ने 1 नवंबर 2026 को यह नोटिस जारी किया था। इसे HIAL की फाउंडर और CEO गीतांजलि जे. आंगमो के नाम संबोधित किया गया है।

नोटिस में प्रशासन ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि फ्यांग स्थित Desert Flower School में कक्षाएं और दूसरी गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं, जबकि इसके लिए संबंधित विभागों से जरूरी सहमति, मंजूरी और क्लीयरेंस प्राप्त नहीं किए गए हैं।

प्रशासन ने अपने नोटिस में इस बात का भी उल्लेख किया कि गीतांजलि आंगमो ने पहले 22 सितंबर को लेह के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर Desert Flower School की प्रस्तावित मैनेजिंग कमेटी के सदस्यों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) या आवश्यक मंजूरी मांगी थी। यह प्रस्तावित कमेटी HIAL के संस्थागत ढांचे के तहत स्कूल के संचालन से संबंधित थी।

हालांकि, प्रशासन के मुताबिक, मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही स्कूल में कक्षाएं और अन्य गतिविधियां शुरू होने की सूचना मिली। इसी आधार पर तहसीलदार कार्यालय ने संस्थान को आगे की गतिविधियां रोकने के लिए नोटिस जारी किया।

हाईकोर्ट में लंबित है HIAL से जुड़ा मामला

प्रशासन ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि HIAL से संबंधित विवाद फिलहाल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के विचाराधीन है। इसी कानूनी स्थिति को देखते हुए स्कूल में किसी भी तरह की नई गतिविधि शुरू नहीं करने की हिदायत दी गई है।

नोटिस में कहा गया है, “मामला माननीय न्यायालय के विचाराधीन होने के कारण आपको सलाह दी जाती है कि माननीय न्यायालय द्वारा मामले का अंतिम फैसला किए जाने तक या आगे कोई निर्देश जारी होने तक संस्थान के संचालन अथवा गतिविधियों को शुरू करने की दिशा में किसी भी तरह की कार्रवाई न करें।”

इस निर्देश का मतलब है कि फिलहाल Desert Flower School में प्रस्तावित गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक अदालत इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं देती या संबंधित प्राधिकरण की ओर से आगे कोई निर्देश जारी नहीं किया जाता।

प्रशासन ने अपने नोटिस में केवल गतिविधियां रोकने की बात ही नहीं कही, बल्कि मामले में मौजूदा स्थिति बनाए रखने पर भी जोर दिया है।

गीतांजलि आंगमो को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश

तहसीलदार कार्यालय ने गीतांजलि जे. आंगमो को निर्देश दिया है कि वह इस पूरे मामले में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखें। इसका अर्थ है कि स्कूल और उससे जुड़े विवादित मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, जिससे हाईकोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो।

प्रशासन ने कहा है कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जो अदालत के सामने लंबित मामले के नतीजे को प्रभावित कर सकता हो। नोटिस में संस्थान को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि अदालत के फैसले से पहले स्कूल के संचालन या गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश न की जाए।

इस तरह प्रशासन ने Desert Flower School के प्रस्तावित संचालन पर फिलहाल प्रशासनिक रोक लगा दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि स्कूल में इस समय कितनी कक्षाएं संचालित हो रही थीं या कितने विद्यार्थी इससे जुड़े थे।

सोनम वांगचुक और HIAL से जुड़ा है विवाद

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग (HIAL) की स्थापना सोनम वांगचुक और गीतांजलि जे. आंगमो ने मिलकर की थी। यह संस्थान लद्दाख में शिक्षा और वैकल्पिक शिक्षण के क्षेत्र से जुड़ा है। फ्यांग में स्थित Desert Flower School भी HIAL के इकोसिस्टम से जुड़ा हुआ है।

इस संस्थान से संबंधित जमीन के विवाद को लेकर पहले भी प्रशासन और सोनम वांगचुक के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में इस संबंध में सोनम वांगचुक की ओर से संस्थान की जमीन की लीज रद्द किए जाने को लेकर लद्दाख प्रशासन के रुख की आलोचना का भी उल्लेख किया गया है।

हालांकि, मौजूदा नोटिस का मुख्य आधार स्कूल में जरूरी मंजूरी के बिना गतिविधियां शुरू किए जाने की प्रशासन को मिली जानकारी और HIAL से जुड़ा हाईकोर्ट में लंबित मामला है। प्रशासन ने अपने निर्देशों में अदालत के अंतिम फैसले तक किसी भी तरह की नई गतिविधि नहीं करने को कहा है।

हाईकोर्ट के फैसले तक स्कूल की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर

Desert Flower School को लेकर जारी नोटिस से साफ है कि लद्दाख प्रशासन इस मामले में अदालत की कार्यवाही पूरी होने तक किसी भी तरह का बदलाव नहीं चाहता। स्कूल की कक्षाएं और दूसरी गतिविधियां शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति लेने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने सवाल उठाए हैं।

अब इस विवाद में आगे की स्थिति जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई तथा संबंधित प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर करेगी। फिलहाल गीतांजलि आंगमो को स्कूल की गतिविधियां आगे नहीं बढ़ाने और यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

इस पूरे मामले में ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रशासन का नोटिस स्कूल में आवश्यक मंजूरी के बिना गतिविधियां शुरू किए जाने और अदालत में लंबित जमीन विवाद से संबंधित है। अभी उपलब्ध रिपोर्ट में हाईकोर्ट के अंतिम फैसले या स्कूल के भविष्य के संचालन को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

Sonam Wangchuk, Ladakh Administration, HIAL, Desert Flower School, Gitanjali Angmo, Ladakh News, Land Dispute, Jammu Kashmir Ladakh High Court

लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक से जुड़े HIAL के Desert Flower School की गतिविधियां रोकने का नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट में जमीन विवाद लंबित रहने तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया।

Share this News

By EDITOR

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x