भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय तक कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट में उनके करीब एक दशक लंबे नेतृत्व का दौर समाप्त हो गया। हरमनप्रीत ने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि टीम अच्छी स्थिति में है और वह कप्तानी की जिम्मेदारी से हटकर एक बार फिर सिर्फ खेल के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं।
हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की समीक्षा बैठक के बाद सामने आया। इस बैठक में पिछले कुछ महीनों के दौरान भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। बैठक में BCCI सचिव देवजीत सैकिया, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।
हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर किया कप्तानी छोड़ने का ऐलान
हरमनप्रीत कौर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कप्तानी छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं।
अपने भावुक संदेश में हरमनप्रीत ने माना कि यह उनके लिए आसान निर्णय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे कई वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल हैं, जो उनके साथ हमेशा रहेंगे।
हरमनप्रीत ने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी खत्म होने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह दोबारा खेल को उसके लिए खेलना चाहती हैं, जिस प्यार की वजह से उन्होंने क्रिकेट शुरू किया था।
उनका संदेश था कि कप्तानी का सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में उनकी यात्रा जारी रहेगी।
2012 में पहली बार संभाली थी भारतीय टीम की कमान
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी का सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने पहली बार 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ ग्वांगझू में खेले गए एशिया कप मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तानी की थी। उस समय उन्होंने टी20 फॉर्मेट में टीम का नेतृत्व किया था।
इसके बाद 2016 में उन्होंने टी20 फॉर्मेट में आधिकारिक तौर पर भारतीय टीम की कप्तानी संभाली। 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद हरमनप्रीत को वनडे टीम की पूर्णकालिक कप्तानी भी सौंप दी गई।
2023 में वह भारतीय महिला टीम की तीनों फॉर्मेट की पूर्णकालिक कप्तान बनीं। इसके बाद से वह टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों में टीम का नेतृत्व करती रही हैं।
कप्तानी के दौरान भारत ने हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां
हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उनके कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि पिछले साल घरेलू मैदान पर भारत का पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब जीतना रही।
भारत ने नवंबर में घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया। भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही और हरमनप्रीत के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में इसे गिना जाता है।
इसके अलावा हाल ही में भारत ने एशिया कप में भी खिताब जीता था। यह भारतीय टीम का रिकॉर्ड आठवां एशिया कप खिताब था।
इसके कुछ ही समय बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में क्रिकेट का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। यह एशियाई खेलों में भारत का लगातार दूसरा क्रिकेट गोल्ड मेडल था।
यानी कप्तानी छोड़ने का फैसला ऐसे समय आया है जब भारतीय महिला टीम लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रही है।
211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में की भारत की कप्तानी
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। यह भारतीय महिला क्रिकेट में उनके लंबे नेतृत्व को दर्शाता है।
वनडे क्रिकेट में उनकी कप्तानी में भारत ने 51 मुकाबले खेले, जिनमें से 30 में टीम को जीत मिली।
टी20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत ने 155 मैचों में भारत की कप्तानी की और टीम ने इनमें से 92 मुकाबले जीते। दोनों व्हाइट-बॉल फॉर्मेट यानी वनडे और टी20 में भारतीय कप्तान के तौर पर उनकी जीत की संख्या सबसे ज्यादा रही।
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने पांच मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। इनमें भारत को केवल एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
‘टीम अच्छी जगह पर है’, हरमनप्रीत ने बताई फैसले की वजह
कप्तानी छोड़ते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावनाओं से भरे मन के साथ इस जिम्मेदारी से हट रही हैं, लेकिन उनके मन में शांति भी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें वास्तव में लगता है कि भारतीय टीम इस समय अच्छी स्थिति में है। यही भरोसा उनके लिए कप्तानी छोड़ने के फैसले को स्वीकार करना आसान बनाता है।
हरमनप्रीत के बयान से यह संकेत मिलता है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं और उन्हें भरोसा है कि टीम आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब वह क्रिकेट को दोबारा उसी नजरिए से खेलना चाहती हैं, जिस नजरिए से उन्होंने इस खेल को शुरू किया था।
कप्तानी के बाद अब खिलाड़ी के तौर पर जारी रहेगा सफर
हरमनप्रीत कौर ने अपने बयान में साफ किया कि उनका क्रिकेट करियर खत्म नहीं हुआ है। वह कप्तानी की जिम्मेदारी से हट रही हैं, लेकिन खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी।
करीब एक दशक तक टीम का नेतृत्व करने के बाद अब उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर रहेगा। कप्तानी के दबाव और अतिरिक्त जिम्मेदारियों से अलग होकर वह बल्लेबाजी और मैदान पर अपनी भूमिका पर ध्यान दे सकेंगी।
उनका कहना है कि कप्तानी समाप्त हो रही है, लेकिन उनकी क्रिकेट यात्रा अभी जारी है।
अगली कप्तान कौन होगी? स्मृति मंधाना सबसे मजबूत दावेदार
BCCI ने अभी तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अगले पूर्णकालिक कप्तान के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। हालांकि, टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना को इस जिम्मेदारी के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
मंधाना लंबे समय से भारतीय टीम का अहम हिस्सा रही हैं और वह टीम की उपकप्तान भी हैं। ऐसे में हरमनप्रीत के कप्तानी से हटने के बाद उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, अंतिम फैसला BCCI को करना है और बोर्ड की ओर से अगली पूर्णकालिक कप्तान के नाम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
हरमनप्रीत का कप्तानी युग एक बड़ी विरासत छोड़ गया
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के महत्वपूर्ण दौर में रहा। उन्होंने टीम को कई बड़े टूर्नामेंट में नेतृत्व दिया और घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीतने वाली कप्तान बनीं।
उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने एशिया कप और एशियाई खेलों में भी सफलता हासिल की। तीनों फॉर्मेट में लंबे समय तक टीम की कप्तानी करने के बाद अब उन्होंने जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का फैसला किया है।
हरमनप्रीत के लिए यह सिर्फ कप्तानी छोड़ने का फैसला नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट में उनके नेतृत्व के एक लंबे अध्याय का अंत है। हालांकि, एक खिलाड़ी के रूप में उनका सफर जारी रहेगा और अब उनकी नजर मैदान पर अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर होगी।
