महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) आयुक्त और IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की चर्चा में हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में उन्हें ‘Rock Star’ के तौर पर पेश किए जाने के बाद मुंढे ने कहा कि अच्छा प्रशासन सुर्खियां बटोरने के बारे में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के बारे में है।
मुंढे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अंश साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा का मूल उद्देश्य लोगों की सुरक्षा करना, तय मानकों को लागू करना और जनता का भरोसा कायम करना है।
उनके मुताबिक जब कानून को निष्पक्ष, बिना डर और लगातार लागू किया जाता है, तो सरकारी संस्थानों की विश्वसनीयता बढ़ती है और लोगों का भरोसा मजबूत होता है कि व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया ‘रॉक स्टार’
न्यूयॉर्क टाइम्स ने 4 अक्टूबर 2026 को तुकाराम मुंढे को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसकी हेडलाइन थी, “In India, a Food Safety Inspector Is a Rock Star” यानी भारत में एक फूड सेफ्टी अधिकारी को ‘रॉक स्टार’ जैसा दर्जा मिल रहा है।
इसके बाद इसी अखबार में एक अन्य रिपोर्ट में “Diners Turn Safety Chief Into Food God In Indian City” शीर्षक का इस्तेमाल किया गया।
इन रिपोर्टों में महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर की जा रही कार्रवाई और तुकाराम मुंढे की भूमिका का उल्लेख किया गया। रिपोर्टों के बाद मुंढे ने खुद इन खबरों को सोशल मीडिया पर साझा किया और अपनी प्रतिक्रिया दी।
हालांकि उन्होंने खुद को मिली अंतरराष्ट्रीय मीडिया की पहचान को व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर पेश करने के बजाय प्रशासन के व्यापक उद्देश्य पर जोर दिया।
मुंढे ने कहा- सुर्खियां नहीं, बदलाव जरूरी
तुकाराम मुंढे ने कहा कि “Good governance is not about making headlines, but about making a difference”, यानी अच्छे शासन का उद्देश्य सुर्खियां हासिल करना नहीं बल्कि वास्तविक बदलाव लाना होना चाहिए।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा को सीधे जनता के स्वास्थ्य और भरोसे से जोड़ते हुए कहा कि इसका अंतिम उद्देश्य लोगों की सुरक्षा करना और निर्धारित मानकों को बनाए रखना है।
उनके अनुसार, जब अधिकारी बिना किसी पक्षपात के नियमों को लागू करते हैं और कार्रवाई में निरंतरता रहती है, तो इससे सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता बढ़ती है।
मुंढे ने यह भी कहा कि जब लोगों को लगता है कि व्यवस्था कानून को निष्पक्ष तरीके से लागू कर रही है, तो सरकारी सिस्टम के प्रति उनका भरोसा मजबूत होता है।
BBC ने भी मुंढे पर की थी रिपोर्ट
न्यूयॉर्क टाइम्स से पहले ब्रिटेन की BBC भी तुकाराम मुंढे पर रिपोर्ट कर चुकी है। 27 सितंबर को प्रकाशित BBC की रिपोर्ट की हेडलाइन थी, “Why some Indian civil servants become heroes for doing their jobs”।
इस रिपोर्ट में मुंढे के अलावा भारत के उन अन्य सरकारी अधिकारियों का भी जिक्र किया गया था, जिन्हें अपने काम के कारण जनता के बीच लोकप्रियता मिली।
BBC की रिपोर्ट भी मुंढे की कार्यशैली और सरकारी जिम्मेदारियों को लेकर उनके रुख पर केंद्रित थी।
मुंढे ने BBC की रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर साझा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि लोग अक्सर उस व्यक्ति की प्रशंसा करते हैं जो बदलाव लाता है, लेकिन असली लक्ष्य ऐसी संस्थाएं तैयार करना होना चाहिए जो हर दिन लोगों के लिए बेहतर तरीके से काम करें।
‘संस्थाएं मजबूत होना ज्यादा महत्वपूर्ण’
BBC की रिपोर्ट साझा करते हुए मुंढे ने सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व को लेकर भी अपनी सोच सामने रखी थी।
उन्होंने कहा था कि किसी एक अधिकारी या व्यक्ति की लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण ऐसी संस्थाओं का निर्माण करना है, जो लगातार बेहतर काम कर सकें।
उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व का अंतिम उद्देश्य व्यक्तिगत पहचान, शक्ति या प्रसिद्धि हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देना होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व का मतलब सही काम करने के लिए ईमानदारी, कठिन फैसले लेने का साहस, कानून को बिना किसी पक्षपात के लागू करने की निष्पक्षता और लोगों की बात सुनने की विनम्रता है।
महाराष्ट्र FDA आयुक्त के तौर पर मई में संभाली जिम्मेदारी
तुकाराम मुंढे ने 25 मई को महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) आयुक्त का पद संभाला था। इसके बाद महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर FDA की कार्रवाई चर्चा में रही है।
विभाग ने थोक विक्रेताओं, निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और खाने-पीने से जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जहां गंभीर नियम उल्लंघन पाए गए, वहां लाइसेंस निलंबित करने, खाद्य नमूने जब्त करने और अन्य नियामकीय कार्रवाई जैसे कदम उठाए गए।
इन कार्रवाइयों के चलते मुंढे की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक और मीडिया का ध्यान बढ़ा है।
कार्रवाई का फोकस खाद्य सुरक्षा पर
FDA का मुख्य काम खाद्य और औषधि से जुड़े निर्धारित सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों को लागू कराना है। ऐसे में विभाग की ओर से की जाने वाली छापेमारी और जांच का सीधा संबंध खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन से है।
मुंढे के हालिया बयानों में भी इसी बात पर जोर दिया गया है कि प्रशासन का उद्देश्य किसी अधिकारी को लोकप्रिय बनाना नहीं, बल्कि नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करना और जनता का भरोसा कायम करना होना चाहिए।
उनकी यही कार्यशैली अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों में भी चर्चा का विषय बनी है।
लोकप्रियता से ज्यादा संस्थागत बदलाव पर जोर
तुकाराम मुंढे को पहले भी उनकी प्रशासनिक कार्यशैली के कारण चर्चा मिलती रही है। इस बार न्यूयॉर्क टाइम्स और BBC जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्टों के कारण वह फिर सुर्खियों में हैं।
लेकिन खुद मुंढे की प्रतिक्रिया का केंद्र उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता नहीं रहा। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि किसी एक अधिकारी की पहचान से ज्यादा जरूरी ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें संस्थाएं लगातार और निष्पक्ष तरीके से काम करती रहें।
उनका संदेश साफ है कि सरकारी अधिकारी का मूल्यांकन उसकी लोकप्रियता या मीडिया कवरेज से नहीं, बल्कि उसके काम और उससे होने वाले सार्वजनिक लाभ से होना चाहिए।
‘पब्लिक गुड’ को बताया नेतृत्व का असली उद्देश्य
मुंढे ने सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व को लेकर कहा कि इसका मकसद शक्ति या व्यक्तिगत पहचान हासिल करना नहीं बल्कि जनहित होना चाहिए।
उन्होंने नेतृत्व के लिए ईमानदारी, कठिन निर्णय लेने का साहस, कानून को निष्पक्ष रूप से लागू करने की क्षमता और लोगों की बात सुनने की विनम्रता को महत्वपूर्ण बताया।
इस तरह न्यूयॉर्क टाइम्स की ‘रॉक स्टार’ वाली पहचान मिलने के बावजूद मुंढे ने चर्चा को अपनी लोकप्रियता से हटाकर सुशासन, संस्थागत विश्वसनीयता और जनता के भरोसे की ओर मोड़ दिया है।
महाराष्ट्र FDA में उनकी भूमिका और विभाग की कार्रवाई आने वाले समय में भी चर्चा में रह सकती है, लेकिन मुंढे का स्पष्ट संदेश है कि प्रशासन की असली सफलता सुर्खियों में नहीं, बल्कि लोगों के लिए व्यवस्था को बेहतर बनाने में है।
