मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गया। INDIA ब्लॉक के सांसदों और नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला। विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया जाए।
हालांकि, विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। बाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
संसद से निर्वाचन सदन की ओर निकला INDIA ब्लॉक का मार्च
मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन परिसर के मकर द्वार के पास एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने निर्वाचन सदन की ओर मार्च शुरू किया।
मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर अपनी मांगें उठाईं।
NITI Aayog के पास पुलिस ने रोका मार्च
संसद से आगे बढ़ने के बाद विपक्षी नेताओं को NITI Aayog और आकाशवाणी भवन के बीच वाले हिस्से में रोक दिया गया। रास्ते में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और बैरिकेड लगाए गए थे।
पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद कई सांसद सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और CEC के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और TMC नेता अभिषेक बनर्जी को पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते हुए भी देखा गया। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
राहुल गांधी बोले- ‘ज्ञानेश, अब इस्तीफा देने का समय’
प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना रुख दोहराया। उन्होंने लिखा, “Gyanesh, it’s done bro. Time to resign.”
राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। INDIA ब्लॉक की ओर से भी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हिरासत में
मार्च को रोके जाने के बाद स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तथा TMC के अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन सहित अन्य विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
हिरासत की कार्रवाई उस समय हुई जब विपक्षी सांसद निर्वाचन सदन की ओर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
विपक्ष की मुख्य मांग क्या है?
INDIA ब्लॉक का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की समीक्षा शामिल है।
विपक्षी दलों का कहना है कि जिन लोगों का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हट गया है, उन्हें दोबारा शामिल किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग और सरकार का क्या कहना है?
दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को व्यवस्थित करने और अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं जैसी प्रविष्टियों को ठीक करने की प्रक्रिया के तौर पर देखता है। आयोग विपक्ष के उन आरोपों को स्वीकार नहीं करता कि यह प्रक्रिया किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भी SIR और Form 6 से जुड़ा मामला सामने आया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने किसी संशोधित Form 6 को मंजूरी नहीं दी है। मामले में केंद्र, चुनाव आयोग और CEC समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया, हालांकि CEC को तत्काल हटाने का अंतरिम आदेश नहीं दिया गया।
इस घटनाक्रम ने SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
BJP ने विपक्ष के प्रदर्शन पर साधा निशाना
INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदर्शन को राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश बताया।
उन्होंने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। BJP लगातार विपक्ष के उन आरोपों को खारिज करती रही है, जिनमें चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर या किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस तरह SIR का मुद्दा अब सिर्फ चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि केंद्र सरकार, BJP, कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के बीच बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है।
पांचवें दिन भी जारी है विरोध
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का यह पांचवां दिन है। यह अभियान 2 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जब विपक्षी दलों और नागरिक समाज से जुड़े समूहों ने SIR के खिलाफ विरोध का आह्वान किया था।
अब विपक्षी दल इस मुद्दे को देशभर में ले जाने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत अलग-अलग स्तरों पर मार्च, पदयात्रा और जनसभाएं आयोजित करने की योजना बनाई है।
मंगलवार का दिल्ली मार्च इसी अभियान का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।
अगस्त 2025 में भी हुआ था ऐसा मार्च
SIR को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग की ओर यह पहला बड़ा मार्च नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी विपक्षी दलों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च किया था।
अब एक साल से अधिक समय बाद एक बार फिर संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया गया, लेकिन इस बार भी विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से पहले रोक दिया गया।
राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष इसे मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा बता रहा है, जबकि BJP इसे राजनीतिक विरोध और राहुल गांधी की राजनीति से जोड़कर देख रही है।
मंगलवार के प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की हिरासत ने विवाद को और गरमा दिया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनाव आयोग SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की लगातार उठ रही मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और INDIA ब्लॉक अपने देशव्यापी आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाता है।
