मुंबई: ‘मिर्जापुर’ में Dimpy Pandit का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली अभिनेत्री Harshita Gaur इन दिनों अपने नए शो ‘Waiting Hai’ को लेकर चर्चा में हैं। इस शो में वह एक बार फिर Divyendu के साथ नजर आ रही हैं, लेकिन इस बार दोनों का रिश्ता बिल्कुल अलग है। ‘मिर्जापुर’ में जहां Divyendu ने Munna Tripathi का किरदार निभाया था, वहीं ‘Waiting Hai’ में वह Harshita के पति का रोल कर रहे हैं।
Hindustan Times को दिए इंटरव्यू में Harshita Gaur ने ‘Waiting Hai’, ‘Mirzapur’ और इंडस्ट्री में कलाकारों के संघर्ष को लेकर खुलकर बात की। इसी दौरान उन्होंने ‘Mirzapur The Movie’ में Jitendra Kumar द्वारा Vikrant Massey की जगह लिए जाने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
Jitendra Kumar की एंट्री पर क्या बोलीं Harshita?
‘Mirzapur The Movie’ में Jitendra Kumar के शामिल होने और Vikrant Massey की जगह लेने को लेकर Harshita ने कहा कि इस बदलाव को लेकर वह खुद किसी तरह का अंतर महसूस नहीं कर पाईं।
अभिनेत्री के मुताबिक, किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना आसान नहीं होता जिसकी दुनिया पहले से स्थापित हो और जहां दर्शक किसी कलाकार को एक खास किरदार के साथ जोड़ चुके हों। उन्होंने माना कि ऐसी स्थिति में नए कलाकार के लिए दबाव जरूर हो सकता है।
Harshita ने कहा कि इस स्थिति में Jitendra Kumar ही बेहतर बता सकते हैं कि उनके लिए यह अनुभव कैसा रहा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि Jitendra एक बेहतरीन अभिनेता हैं और किसी किरदार को निभाना उनके लिए मुख्य चुनौती नहीं है।
उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान Jitendra इतनी सहजता से इस दुनिया का हिस्सा बन गए कि सेट पर ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि वह बाद में इस सफर में शामिल हुए हैं। उनके मुताबिक, सेट पर किसी तरह का फर्क महसूस नहीं हुआ और Jitendra इस पूरी जर्नी में आसानी से फिट हो गए।
‘Waiting Hai’ में Divyendu के साथ बिल्कुल अलग रिश्ता
Harshita ने बताया कि उन्होंने ‘Waiting Hai’ में Divyendu के साथ काम करते समय ‘Mirzapur’ के पुराने किरदारों को ध्यान में नहीं रखा। उनका कहना है कि एक अभिनेता के तौर पर कलाकारों के लिए अलग-अलग किरदार निभाना जरूरी है और दर्शक भी यह समझते हैं कि स्क्रीन पर दिखाई देने वाले किरदार वास्तविक जिंदगी के लोग नहीं हैं।
‘Waiting Hai’ में Harshita Princy और Divyendu Sugandh के किरदार में हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, दोनों किरदारों ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।
महिलाओं की ‘Quiet Strength’ पर भी की बात
इंटरव्यू के दौरान Harshita ने अपने किरदार Princy की खासियत पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक अलग तरह का किरदार था, क्योंकि Princy अपने पति और परिवार के लिए पूरी तरह समर्पित है।
अभिनेत्री के मुताबिक, इस किरदार की ताकत बहुत शांत है। वह हर बात पर बहस नहीं करती, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपने फैसले से अपनी बात जाहिर करती है।
Harshita ने कहा कि घर संभालने वाली महिलाओं की मेहनत और भावनात्मक भूमिका को अक्सर उतनी अहमियत नहीं मिलती, जितनी मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, कई महिलाएं घर की भावनात्मक रीढ़ होती हैं, रिश्तों को संभालती हैं और परिवार को एक साथ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
Divyendu के साथ दोबारा काम करने का अनुभव
Divyendu के साथ काम करने को लेकर Harshita ने उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि Divyendu सेट पर काफी मजेदार और witty हैं। उनके साथ सीन करते समय एक कलाकार को काफी कुछ सीखने को मिलता है।
Harshita ने खास तौर पर Munna और Sugandh जैसे बिल्कुल अलग किरदारों को निभाने के लिए Divyendu की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों भूमिकाएं एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं, लेकिन Divyendu ने दोनों को अपने अंदाज में निभाया है।
‘Mirzapur’ को बाकी क्राइम ड्रामा से अलग क्या बनाता है?
Harshita के मुताबिक, ‘Mirzapur’ सिर्फ हिंसा और अपराध की कहानी नहीं है। इसके पीछे दो ऐसे लड़कों की कहानी है जो धीरे-धीरे वही बन जाते हैं जिससे वे कभी डरते थे।
उन्होंने बताया कि सीरीज की शुरुआत में ही दर्शकों को एक सामान्य परिवार दिखाई देता है। यही चीज कहानी को दर्शकों के करीब लाती है। हिंसा और अपराध की दुनिया के बीच परिवार और रिश्तों की कहानी को शामिल करने से दर्शकों को किरदारों से जुड़ने का मौका मिला।
Ravi Kishan की एनर्जी से प्रभावित हैं Harshita
Harshita ने Ravi Kishan के साथ अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि दोनों के ज्यादा सीन साथ नहीं हैं, लेकिन ऑफ-सेट उन्होंने काफी समय साथ बिताया।
Harshita के मुताबिक, Ravi Kishan आज भी बेहद उत्साहित और युवा ऊर्जा से भरे हुए नजर आते हैं। उनके किस्से सुनाने और डांस करने के अंदाज में उन्हें एक बच्चे जैसी उत्सुकता दिखाई देती है।
अभिनेत्री ने कहा कि इतने लंबे करियर के बावजूद Ravi Kishan हर काम को ऐसे करने की कोशिश करते हैं जैसे वह पहली बार कर रहे हों। उनके मुताबिक, यह ऊर्जा किसी भी कलाकार के लिए सीखने वाली बात है।
एक्टिंग में ‘Rejection’ नहीं, ‘Non-Selection’ मानती हैं Harshita
इंडस्ट्री में काम मिलने और लंबे समय तक इंतजार करने को लेकर Harshita ने कहा कि यह कलाकारों के लिए काफी मुश्किल दौर होता है। वह ‘rejection’ शब्द की जगह इसे ‘non-selection’ कहना पसंद करती हैं।
उनके मुताबिक, किसी भूमिका के लिए चयन न होना हमेशा व्यक्तिगत अस्वीकृति नहीं होता। हो सकता है कि कलाकार उस खास किरदार के लिए सही फिट न हो।
उन्होंने कलाकारों को ऐसे दौर में खुद पर काम करते रहने और अपनी हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी। Harshita ने कहा कि कलाकार को खुद से यह कहते रहना चाहिए कि वह सिर्फ एक काम दूर है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक्टिंग में आय हमेशा नियमित नहीं होती, इसलिए कलाकारों के लिए दूसरा income source होना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा से कमाई के नए रास्ते दिए हैं।
