महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का जमीनी आकलन करने के लिए 11 सदस्यीय केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी दल ने गुरुवार से राज्य का दौरा शुरू कर दिया है। केंद्रीय टीम को तीन अलग-अलग समूहों में बांटा गया है, जो पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के प्रभावित जिलों का अगले चार दिनों तक दौरा करेंगे।
केंद्रीय टीम का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र सरकार राज्य में गंभीर सूखे और फसल नुकसान के चलते केंद्र से अंतरिम वित्तीय सहायता की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए ₹17,500 करोड़ की अंतरिम सहायता की मांग की थी।
तीन टीमों में बांटा गया केंद्रीय दल
केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी समूह को तीन टीमों में विभाजित किया गया है। पहली टीम छत्रपति संभाजीनगर, बीड और जालना जिलों का दौरा करेगी। दूसरी टीम अहिल्यानगर, सोलापुर और पुणे जाएगी, जबकि तीसरी टीम नागपुर और यवतमाल जिलों में सूखे की स्थिति का जायजा लेगी।
दौरे के दौरान अधिकारी प्रभावित इलाकों में जाकर फसल नुकसान, पानी की उपलब्धता, पशुओं के लिए चारे की स्थिति और सूखे से जुड़ी अन्य समस्याओं का जमीनी स्तर पर आकलन करेंगे।
NDRF के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट
केंद्रीय टीम के सदस्य मौके पर स्थिति का निरीक्षण करने के साथ संबंधित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से भी जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह रिपोर्ट राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के समक्ष रखी जाएगी। केंद्र सरकार राहत सहायता पर फैसला लेते समय केंद्रीय टीम की रिपोर्ट और महाराष्ट्र सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव, दोनों पर विचार करेगी।
महाराष्ट्र ने मांगी ₹17,500 करोड़ की अंतरिम सहायता
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता की मांग की है। राज्य सरकार के अनुसार, फसल नुकसान के लिए ₹13,000 करोड़ और चारे की व्यवस्था के लिए ₹4,500 करोड़ की अंतरिम राहत की जरूरत है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, केंद्रीय टीम की जमीनी रिपोर्ट के आधार पर आगे राहत सहायता को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
265 तालुकाओं में सूखे की घोषणा
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के कुल 358 तालुकाओं में से 265 तालुकाओं में सूखे की घोषणा की है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकाओं के बराबर है।
फडणवीस ने बताया कि राज्य के 32 जिलों में लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली अंतरिम सहायता किसानों, पशुपालकों और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रविवार को राज्य अधिकारियों के साथ बैठक
एक अधिकारी के मुताबिक, केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी दल रविवार को महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर सकता है। इस बैठक में सूखे की मौजूदा स्थिति, नुकसान का आकलन और राज्य सरकार की ओर से मांगे गए राहत पैकेज पर चर्चा होने की संभावना है।
केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि महाराष्ट्र को सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र से कितनी वित्तीय सहायता मिल सकती है।
