CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली में मेट्रो, सड़कों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाए। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुलाया गया है।

नई दिल्ली: Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना होते समय दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार देश के युवाओं से डर रही है। उन्होंने दिल्ली में मेट्रो सेवाओं, सड़कों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल खड़े किए।

दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘तानाशाह’ बताते हुए कहा कि सरकार को डर है कि मौजूदा परिस्थितियों के बाद देश के लोग उसे वोट नहीं देंगे। हालांकि, ये दिपके के राजनीतिक आरोप हैं। उनके बयान पर प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

‘अगर युवाओं से डर लगता है तो PM पद पर क्यों बैठे हैं?’

दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में अभिजीत दिपके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से डरते हैं और इसी वजह से दिल्ली में मेट्रो, सड़कों तथा अन्य व्यवस्थाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

दिपके ने कहा, “नरेंद्र मोदी तानाशाह हैं। वह डरे हुए हैं, इसीलिए उन्होंने दिल्ली मेट्रो, सड़कें और सब कुछ बंद कर दिया है। अगर वह देश के युवाओं से इतना डरते हैं, तो प्रधानमंत्री पद पर क्यों बैठे हैं?”

दिपके ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। CJP का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाना चाहता है।

अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी उठाए सवाल

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ युद्ध जैसी स्थिति बनाना चाहती है।

दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या उनके समर्थन में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है।

उनके बयान का मुख्य केंद्र दिल्ली में प्रदर्शन से पहले किए गए सुरक्षा इंतजाम और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर कथित प्रतिबंध रहे। हालांकि, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बताई गई है।

SIR विवाद के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन का विरोध मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी Special Intensive Revision (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर है।

SIR प्रक्रिया का संबंध मतदाता सूचियों की जांच और पुनरीक्षण से है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी नेताओं और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। CJP भी इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें सामने रखना चाहता है।

दिपके ने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अधिकार है।

हालांकि, किसी भी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन कानूनी शर्तें और प्रतिबंध लागू कर सकता है। इस मामले में प्रदर्शनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनाव का प्रमुख कारण प्रदर्शन की अनुमति और राजधानी में आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध बताए जा रहे हैं।

दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के 40,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया।

जंतर-मंतर, जहां प्रदर्शन होना प्रस्तावित था, वहां सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई। इलाके में आने-जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ प्रवेश तथा निकास बिंदुओं पर लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को निर्देश दिए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर के आसपास के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध लगाए गए और मीडिया कर्मियों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई। पुलिस ने हिंदी और अंग्रेजी में घोषणाएं कर लोगों को जमावड़े, जुलूस और सड़क अवरुद्ध करने जैसी गतिविधियों से बचने की चेतावनी दी।

इन प्रतिबंधों के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का उल्लेख किया गया। इस धारा के तहत सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुछ गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर सकता है।

प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा विवाद

CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक तरफ संगठन का कहना है कि वह SIR से जुड़े सवालों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहता है और इसे लोकतांत्रिक अधिकार मानता है। दूसरी तरफ प्रशासन की प्राथमिकता राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संभावित भीड़ को नियंत्रित करना है।

अभिजीत दिपके ने प्रतिबंधों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रदर्शन को लेकर अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की आवाजाही से जुड़े मुद्दे इस विवाद के केंद्र में हैं।

फिलहाल, CJP की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की है। इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोपों, प्रशासन की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

नोट: इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ दिए गए बयान अभिजीत दिपके के आरोपों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। SIR में अनियमितताओं के आरोपों को भी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि प्रदर्शन के आयोजकों की मांगों के संदर्भ में बताया गया है।

 Abhijeet Dipke Targets PM Modi Before CJP Jantar Mantar Protest

अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले PM मोदी पर निशाना साधा। SIR विवाद, CJP की मांग और दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की पूरी खबर पढ़ें।

Abhijeet Dipke PM Modi Statement

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By EDITOR

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