करनाल में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कांग्रेस पर संसद का कामकाज बाधित करने का आरोप लगाया। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर भी राहुल गांधी को घेरा।

नई दिल्ली/करनाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में आयोजित जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रही बहस पर राहुल गांधी को जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान SIR नहीं हुआ था, इसके बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब SIR की प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती भी दी है।

करनाल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे अमित शाह

अमित शाह हरियाणा में BJP के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत करनाल पहुंचे थे। यहां उन्होंने पदयात्रा में हिस्सा लेने के साथ जनसभा को संबोधित किया। इस अभियान के जरिए BJP विपक्ष के उन आरोपों का जवाब दे रही है, जिनमें मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जनसभा में अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष संसद में कामकाज नहीं होने देता और जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा तथा बहिष्कार करता है।

‘संसद नहीं चलने देते, सड़कों पर भीड़ जुटाते हैं’

अमित शाह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह संसद में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में बहिष्कार करता है और फिर सड़कों पर प्रदर्शन के जरिए अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करता है।

शाह ने कहा, “आप संसद को चलने नहीं देते और इसके बजाय अराजकता फैलाने के लिए सड़कों पर भीड़ जुटाते हैं। राहुल गांधी, आप संसद को चलने नहीं देते। आप मुद्दों पर चर्चा नहीं करते। आप सिर्फ हंगामा करते हैं और संसद में बहिष्कार करते हैं।”

गृह मंत्री ने कांग्रेस पर राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार चुनावी हार का सामना करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने से पहले अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए।

SIR को लेकर राहुल गांधी को दिया जवाब

अपने संबोधन में अमित शाह ने SIR का मुद्दा उठाते हुए 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन तीनों चुनावों के समय SIR की प्रक्रिया नहीं हुई थी, फिर भी कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी।

शाह का यह बयान विपक्ष के उन आरोपों के जवाब के तौर पर आया, जिनमें SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई जगह मतदाताओं के नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

दूसरी ओर, BJP इस प्रक्रिया का समर्थन कर रही है और इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने से जुड़ा कदम बता रही है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भी विवाद

SIR को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के नेताओं ने भी प्रदर्शन किया था। इस दौरान राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं ने चुनावी व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए थे। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

BJP ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताते हुए उनका विरोध किया है। पार्टी की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

SIR पर BJP और विपक्ष के बीच जारी है राजनीतिक टकराव

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। इस प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की जांच और आवश्यक संशोधन करता है। इसका उद्देश्य सूची में पात्र मतदाताओं का विवरण सही रखना और मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टियों जैसी गड़बड़ियों की पहचान करना है।

हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। वहीं, BJP का तर्क है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।

करनाल की जनसभा में अमित शाह ने इसी राजनीतिक विवाद के बीच राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देकर कांग्रेस की हार का जिक्र किया और संसद में विपक्ष के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

फिलहाल SIR, चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP तथा विपक्ष के बीच बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

करनाल की रैली में अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। बोले- 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में SIR नहीं हुआ, फिर भी कांग्रेस चुनाव हार गई।

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By EDITOR

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