केरल के करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सोने की तस्करी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दुबई से करीब 18 सॉवरेन सोना लेकर पहुंची महिला ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रची, ताकि तस्करी का सोना दूसरे लोगों के साथ मिलकर अपने कब्जे में कर सके। पुलिस ने करीब 12 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद कार में सवार आरोपियों को पकड़ लिया। मामले में महिला समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
केरल: केरल के करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक कथित अपहरण की घटना की जांच के दौरान पुलिस के सामने सोने की तस्करी से जुड़ी एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। शुरुआत में मामला एक महिला के अपहरण का लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि कथित तौर पर अपहरण की शिकार बनी महिला ने ही इस पूरी घटना की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, थालास्सेरी की रहने वाली प्रियंका दुबई से भारत लौटी थी। उसके पास करीब 18 सॉवरेन सोना था, जिसे एयरपोर्ट के बाहर इंतजार कर रहे मट्टन्नूर निवासी जाबिर को सौंपा जाना था। हालांकि, प्रियंका ने कथित तौर पर जाबिर को सोना देने के बजाय उसे अपने कब्जे में करने की योजना बना ली।
इस काम के लिए उसने कन्नूर के रहने वाले तीन लोगों श्रीलाल, प्रिंस और सुभित के साथ मिलकर अपने ही अपहरण का नाटक रचा। पुलिस का कहना है कि इस पूरी योजना में प्रियंका की भूमिका मुख्य थी। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पुलिस अधिकारी ने एयरपोर्ट के पास एक व्यक्ति को तेजी से जा रही कार के पीछे भागते देखा।
दुबई से 18 सॉवरेन सोना लेकर पहुंची थी महिला
जांचकर्ताओं के मुताबिक, प्रियंका दुबई से करीब 18 सॉवरेन सोना लेकर करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची थी। इस सोने को एयरपोर्ट के बाहर मौजूद जाबिर को सौंपा जाना था। जाबिर कन्नूर के मट्टन्नूर का रहने वाला है और कथित तौर पर सोने की डिलीवरी लेने के लिए वहां पहुंचा था।
लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रियंका ने सोने की डिलीवरी की योजना बदल दी। आरोप है कि उसने श्रीलाल, प्रिंस और सुभित के साथ मिलकर सोना अपने कब्जे में रखने की साजिश रची। इसके लिए उसने खुद के अपहरण की कहानी तैयार की, ताकि पूरी घटना को दूसरी दिशा दी जा सके और सोने को लेकर किसी को शक न हो।
पति और बच्चों को भी योजना में शामिल दिखाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, प्रियंका ने श्रीलाल को ऐसी गाड़ी लेकर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कहा था, जिसमें उसका पति और बच्चे भी मौजूद थे। पुलिस को संदेह है कि परिवार की मौजूदगी का इस्तेमाल पूरी घटना को सामान्य पारिवारिक यात्रा जैसा दिखाने के लिए किया गया था।
जांचकर्ताओं का मानना है कि प्रियंका ने अपने परिवार को इस साजिश से अनजान रखते हुए उनकी मौजूदगी को योजना का हिस्सा बनाया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रियंका के पति की इस सोने की तस्करी और कथित अपहरण की साजिश में कोई भूमिका नहीं पाई गई है। पुलिस के मुताबिक, पति को पूरी योजना की जानकारी नहीं थी।
सुबह 11 बजे पुलिस अधिकारी को हुआ शक
इस पूरे मामले का खुलासा सुबह करीब 11 बजे हुआ। करीपुर एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) एयरपोर्ट के आसपास सोने की तस्करी से जुड़े मामलों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक नीले रंग की मारुति बलेनो कार पर पड़ी।
अधिकारी ने देखा कि एक व्यक्ति तेजी से दौड़ते हुए कार का पीछा कर रहा है और कार वहां से तेजी से निकल रही है। स्थिति को देखकर उन्हें अपहरण की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस जीप से कार का पीछा करना शुरू कर दिया।
पुलिस को उस समय यह अंदाजा नहीं था कि जिस घटना को अपहरण समझकर पीछा किया जा रहा है, उसके पीछे सोने की तस्करी से जुड़ी कथित साजिश हो सकती है।
12 किलोमीटर तक चला पुलिस और कार के बीच पीछा
पुलिस अधिकारी ने नीली बलेनो का पीछा शुरू किया। यह पीछा करीब 12 किलोमीटर तक चला और कार पुलिक्कल अंडियोरकुन्नू की दिशा में बढ़ती रही।
इस दौरान कार सवार लोगों ने पुलिस से बचने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, एक समय बलेनो को पुलिस जीप ने घेर लिया था। लेकिन तभी कार चालक ने अचानक गाड़ी पीछे की ओर यानी रिवर्स में दौड़ा दी और पुलिस की पकड़ से निकलने में कामयाब हो गया।
कुछ देर के लिए कार पुलिस से दूर निकल गई, लेकिन यह बचने की कोशिश ज्यादा देर तक कामयाब नहीं रही। पुलिस ने आखिरकार वाहन को रोक लिया और उसमें मौजूद लोगों को हिरासत में ले लिया।
इस घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें नीले रंग की बलेनो को पुलिस जीप से बचने के लिए अचानक पीछे की ओर जाते देखा जा सकता है।
कार के पीछे दौड़ने वाला शख्स निकला सोने का रिसीवर
पुलिस ने जब मामले की जांच आगे बढ़ाई तो कार के पीछे दौड़ रहे व्यक्ति की पहचान जाबिर के रूप में हुई। जाबिर वही व्यक्ति था, जिसे कथित तौर पर दुबई से लाया गया सोना सौंपा जाना था।
पुलिस ने जाबिर को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, वह एयरपोर्ट के बाहर सोने की डिलीवरी लेने के लिए मौजूद था। लेकिन प्रियंका की कथित योजना के कारण सोने को लेकर विवाद और पूरी घटना सामने आ गई।
इस तरह जिस घटना को शुरुआत में एक महिला के अपहरण के रूप में देखा जा रहा था, वह जांच में कथित सोना हड़पने की साजिश के रूप में सामने आई।
तीनों आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले
इस मामले में प्रियंका के साथ जिन तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे कन्नूर के रहने वाले हैं। उनकी पहचान श्रीलाल, प्रिंस और सुभित के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, इन तीनों आरोपियों पर पहले से भी कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोने की इस कथित साजिश में इनकी क्या भूमिका थी और इनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हो सकते हैं।
सोने की तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने अब इस मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर है कि दुबई से लाए गए सोने की खेप के लिए पैसा किसने उपलब्ध कराया था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
इसके अलावा पुलिस संभावित रूप से सीमा शुल्क विभाग (कस्टम्स) के कुछ कर्मचारियों से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है। हालांकि, फिलहाल किसी कस्टम अधिकारी की संलिप्तता साबित होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोने की इस खेप को भारत लाने, एयरपोर्ट से बाहर निकालने और आगे पहुंचाने की पूरी व्यवस्था किसने की थी। जांच में वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में प्रियंका, जाबिर और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह सिर्फ एक खेप से जुड़ी साजिश थी या इसके पीछे सोने की तस्करी का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
केरल के करीपुर एयरपोर्ट के पास महिला ने कथित तौर पर 18 सॉवरेन सोना हड़पने के लिए अपने अपहरण का नाटक किया। पुलिस ने 12 KM पीछा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Kerala News, Gold Smuggling, Fake Kidnapping, Karipur Airport, Priyanka, Kerala Police, Dubai Gold, Crime News, Kannur News, India News
