विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर 2026 तक यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
जयशंकर के इस दौरे को रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूक्रेन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्रीई सिबिहा से होने की उम्मीद है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर हो सकती है अहम चर्चा
जयशंकर का यूक्रेन दौरा ऐसे समय हो रहा है जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के पहले उप प्रमुख सर्गेई किस्लित्स्या ने भारत के यूक्रेन में राजदूत अंजनी कुमार से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों के बीच भारत-यूक्रेन संबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में भारत की भूमिका पर चर्चा हुई थी।
यूक्रेनी पक्ष ने भारत से शांति प्रक्रिया में रचनात्मक भूमिका निभाने की उम्मीद भी जताई है।
यूक्रेन में भारतीय नागरिक की मौत का मुद्दा भी अहम
जयशंकर की यात्रा से पहले यूक्रेन में रूसी हवाई हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर भी सामने आई थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
भारतीय दूतावास ने मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के संपर्क में होने और शव को जल्द भारत लाने में सहायता करने की जानकारी दी थी। ऐसे में जयशंकर के यूक्रेन दौरे के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और मौजूदा हालात पर भी चर्चा हो सकती है।
पोलैंड के साथ रिश्तों पर भी जोर
यूक्रेन के बाद जयशंकर पोलैंड जाएंगे। उनकी पोलैंड यात्रा भी भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जयशंकर पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की आगामी भारत यात्रा की तैयारियां भी चल रही हैं। ऐसे में जयशंकर की वारसॉ यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकती है।
भारत की संतुलित कूटनीति पर रहेगी नजर
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान भारत ने लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में युद्ध को समाप्त करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर चर्चा कर चुके हैं।
जयशंकर की यूक्रेन और पोलैंड यात्रा को इसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास के संदर्भ में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह दौरा भारत-यूक्रेन संबंधों के साथ-साथ यूरोप में भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
