नई दिल्ली: CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने Class 6 के छात्रों को राहत दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस समय Class 6 में पढ़ रहे छात्रों को Class 7 के छात्रों की तरह ही छूट दी जाए। हालांकि, तीन-भाषा नीति को लेकर उठे बड़े कानूनी सवाल पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में Class 6 में पढ़ रहे छात्रों को वही राहत दी जाए जो Class 7 के छात्रों को दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से लागू की जाए।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इस साल Class 6 के छात्रों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि करीब 2,800 CBSE स्कूलों में लगभग 99 प्रतिशत स्कूलों ने तीसरी भाषा की व्यवस्था अपना ली है, जबकि करीब 1.2 प्रतिशत स्कूल इससे प्रभावित हैं।

लेकिन कोर्ट ने कहा कि Class 6 के छात्रों को भी वही “comfort” मिलना चाहिए जो Class 7 के छात्रों को दिया गया है।

असल विवाद क्या है?

CBSE की नई तीन-भाषा व्यवस्था को लेकर कुछ स्कूलों और अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि कई बच्चे पहले से किसी भाषा की पढ़ाई कर रहे हैं और अचानक भाषा बदलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

सुनवाई के दौरान अभिभावकों की ओर से उदाहरण दिया गया कि कुछ छात्र Class 4 से Spanish पढ़ रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के कारण उन्हें Sanskrit की ओर जाने को कहा गया।

अभिभावकों के वकील ने यह भी सवाल उठाया कि नई व्यवस्था लागू करते समय छात्रों की पहले से चल रही पढ़ाई और उपलब्ध पाठ्यपुस्तकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

किताबों को लेकर भी उठे सवाल

सुनवाई में छात्रों के लिए किताबों की उपलब्धता का मुद्दा भी उठा। केंद्र की ओर से कहा गया कि किताबें उपलब्ध हैं, जबकि अभिभावकों की ओर से दावा किया गया कि कुछ मामलों में किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होने के बावजूद छात्रों के पास भौतिक यानी Physical Textbooks उपलब्ध नहीं थीं।

कोर्ट ने छात्रों पर अचानक अतिरिक्त बोझ डालने को लेकर भी चिंता जताई। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत छात्रों के लिए कठिनाई नहीं, बल्कि सुविधा चाहती है।

कोर्ट ने अभी क्या तय नहीं किया?

यह समझना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तीन-भाषा नीति को पूरी तरह खत्म नहीं किया है।

कोर्ट ने फिलहाल वर्तमान Class 6 छात्रों को Class 7 के छात्रों के समान राहत देने का निर्देश दिया है। वहीं, तीन-भाषा व्यवस्था से जुड़े बड़े मुद्दे पर अदालत आगे सुनवाई करेगी। मामले में केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह और याचिकाकर्ताओं को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई करीब छह सप्ताह बाद होगी।

Reality Check: छात्रों और अभिभावकों के लिए इसका मतलब क्या है?

सीधी बात यह है:

  • वर्तमान Class 6 छात्रों को Class 7 जैसी राहत मिलेगी।
  • व्यवस्था को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने की बात कही गई है।
  • इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन-भाषा नीति को रद्द कर दिया है।
  • नीति को लेकर उठे व्यापक सवालों पर सुनवाई अभी जारी रहेगी।
  • स्कूलों में भाषा बदलने, किताबों की उपलब्धता और छात्रों पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दे भी अदालत के सामने हैं।
  • केंद्र सरकार और अभिभावकों की ओर से इस मामले में अलग-अलग पक्ष रखे गए हैं।

इसलिए फिलहाल छात्रों और अभिभावकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Class 6 को तत्काल Class 7 के समान राहत दी गई है, जबकि तीन-भाषा नीति का अंतिम कानूनी भविष्य अभी तय नहीं हुआ है।

CBSE Third Language Policy: Class 6 छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जानिए पूरा मामला

CBSE की तीन-भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने Class 6 छात्रों को Class 7 जैसी राहत देने का निर्देश दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला और इसका छात्रों पर क्या असर होगा।

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By EDITOR

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