भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को एक अहम कदम सामने आया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक हैदराबाद हाउस में हुई, जहां भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
बार्ट डी वेवर की यह भारत की पहली यात्रा है। वह 4 सितंबर तक भारत में रहेंगे। करीब दो दशक बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा हो रही है, इसलिए इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ भारत और यूरोप के बीच व्यापक सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दे भी प्रमुख रहे। दोनों पक्षों की कोशिश है कि मौजूदा व्यापारिक संबंधों को और विस्तार दिया जाए तथा निवेश के नए अवसर तलाशे जाएं।
इसके अलावा रक्षा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत और बेल्जियम दोनों ही रणनीतिक साझेदारी को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री की इस यात्रा में रक्षा सहयोग को खास महत्व दिया जा रहा है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन और अधिकारियों तथा कारोबारी प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
बेल्जियम के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत का रास्ता खुला है।
इससे पहले गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रांकेन के बीच भी द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान भारत की तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए बेल्जियम की ओर से दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और गहरा करने की इच्छा जताई गई।
भारत के लिए बेल्जियम क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत के लिए बेल्जियम केवल एक यूरोपीय व्यापारिक साझेदार नहीं है, बल्कि यूरोपीय संघ के साथ संबंधों के लिहाज से भी उसका महत्वपूर्ण स्थान है। ब्रसेल्स यूरोपीय संघ की प्रमुख संस्थाओं का केंद्र है।
ऐसे में बेल्जियम के साथ मजबूत संबंध भारत-ईयू सहयोग को आगे बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों की साझेदारी आने वाले समय में और बढ़ सकती है।
हीरा कारोबार से आगे बढ़ रही साझेदारी
भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से हीरा, रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में कारोबारी संबंध रहे हैं।
हालांकि, अब दोनों देश अपने सहयोग को पारंपरिक क्षेत्रों से आगे ले जाकर तकनीक, रक्षा, डिजिटल क्षेत्र, निवेश और औद्योगिक साझेदारी तक विस्तार देना चाहते हैं।
यही वजह है कि बार्ट डी वेवर की मौजूदा भारत यात्रा को केवल एक राजनयिक दौरे के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री की इस यात्रा से पहले भी दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संपर्कों में तेजी देखी गई है। मार्च 2025 में बेल्जियम की प्रिंसेस एस्ट्रिड के नेतृत्व में एक बड़ा आर्थिक प्रतिनिधिमंडल भारत आया था।
इस आर्थिक मिशन में कंपनियों, कारोबारी संगठनों, शिक्षाविदों और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े 338 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान 38 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
अब बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा को उसी बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संपर्क को आगे बढ़ाने की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
तकनीक का क्षेत्र भी भारत-बेल्जियम संबंधों में तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। भारत अपनी तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने पर काम कर रहा है, वहीं बेल्जियम यूरोप की उन्नत तकनीकी और औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी और निवेश से नए कारोबारी अवसर पैदा हो सकते हैं। डिजिटल तकनीक, औद्योगिक उत्पादन और नई तकनीकी क्षमताओं में सहयोग आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
भारत यूरोप के साथ व्यापारिक और परिवहन संपर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। भारत और यूरोप के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार को गति देने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
इसी वजह से भारत-बेल्जियम बातचीत में कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है।
राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत यात्रा की शुरुआत महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। गुरुवार को उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
उन्होंने वहां श्रद्धांजलि देने के बाद राजघाट की आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार दर्ज किए। इसके बाद उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में अहम बैठक हुई।
भारत-ईयू संबंधों के लिए भी अहम दौरा
बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को नई गति देने की कोशिश जारी है।
भारत यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। ऐसे में बेल्जियम की भूमिका भारत-ईयू और व्यापक भारत-यूरोप साझेदारी में महत्वपूर्ण हो सकती है।
आगे क्या?
बेल्जियम के प्रधानमंत्री का भारत दौरा 4 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर आगे की बातचीत और संपर्क होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बार्ट डी वेवर की मुलाकात ने साफ संकेत दिया है कि भारत-बेल्जियम संबंध अब पारंपरिक व्यापारिक साझेदारी से आगे बढ़कर रक्षा, तकनीक, निवेश और रणनीतिक सहयोग की ओर जा रहे हैं।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते और कारोबारी सहयोग यह तय करेंगे कि इस यात्रा से भारत-बेल्जियम संबंधों को कितनी नई गति मिलती है। साथ ही, बेल्जियम के जरिए भारत और यूरोप के बीच व्यापक रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
