कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने दिल्ली में महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी और मारपीट के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने Saket Police Station की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि 3 सितंबर को थाने के अंदर हुई कथित घटना की जांच हो सके।

राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। 5 अक्टूबर को राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या है Saket Police Station का मामला?

सितंबर में 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार Shaheen Khan और Nafisa Khan ने आरोप लगाया था कि 3 सितंबर को उन्हें दिल्ली के Saket इलाके में एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में Saket Police Station ले जाया गया।

यह कार्यक्रम Union Home Minister Amit Shah और Delhi Chief Minister Rekha Gupta की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। पत्रकारों का आरोप है कि वे मुख्यमंत्री से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया और थाने ले गई।

महिला पत्रकारों ने थाने के अंदर मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके फोन ले लिए गए और उन्हें पुलिस कार्रवाई की धमकी भी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पत्रकारों ने क्या आरोप लगाए?

Shaheen Khan और Nafisa Khan ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने के अंदर ले जाकर थप्पड़ मारे और उनके साथ मारपीट की। उनके मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।

Shaheen ने यह भी आरोप लगाया कि उनके धर्म के बारे में पूछे जाने के बाद कथित मारपीट और ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी ने उनके मुस्लिम होने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें डंडों से मारने की धमकी दी।

इन आरोपों को लेकर अलग-अलग पत्रकार संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से भी चिंता जताई गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है और इन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया है।

Rahul Gandhi ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर महिला पत्रकारों द्वारा बताए गए घटनाक्रम का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि Saket Police Station की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए और अगर किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में महिलाओं द्वारा सवाल पूछे जाने पर उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने हालिया Jantar Mantar विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया और दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया तथा महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत की।

राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का नाम लेते हुए भी दिल्ली पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

Jantar Mantar प्रदर्शन में भी महिला पत्रकारों के आरोप

यह विवाद केवल Saket Police Station तक सीमित नहीं है। 3 अक्टूबर को Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के खिलाफ Jantar Mantar के पास हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए।

पुलिस ने इन शिकायतों को Crime Branch को जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है और मामले से जुड़े CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से घटना से संबंधित कोई भी वीडियो होने पर Crime Branch के साथ साझा करने की अपील की है।

दिल्ली पुलिस का क्या कहना है?

Saket Police Station से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया था। पुलिस का कहना था कि पत्रकारों को एक निर्धारित VVIP सुरक्षा मार्ग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के बाद पूछताछ के लिए थाने लाया गया था।

पुलिस ने आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया था। दूसरी ओर, पत्रकारों ने अपने साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप दोहराते हुए CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

CCTV फुटेज को लेकर क्यों बढ़ी मांग?

महिला पत्रकारों के आरोपों के बाद Saket Police Station के CCTV फुटेज को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पत्रकारों का कहना है कि फुटेज सामने आने से यह स्पष्ट हो सकता है कि थाने के अंदर उनके साथ क्या हुआ और पुलिसकर्मियों ने किस तरह की कार्रवाई की।

इसी वजह से राहुल गांधी ने भी पूरी CCTV रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

मामला अब जांच के दौर में

Saket Police Station में महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों और Jantar Mantar प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की शिकायतों ने दिल्ली में पुलिस और पत्रकारों के बीच संबंधों को लेकर बहस तेज कर दी है।

एक तरफ पत्रकारों ने कथित मारपीट, बदसलूकी और धार्मिक आधार पर टिप्पणी के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने Saket मामले में आरोपों को खारिज किया है और Jantar Mantar से जुड़ी शिकायतों की जांच Crime Branch को सौंप दी है।

अब CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, शिकायतकर्ताओं के बयान और अन्य उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। फिलहाल आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

  • Rahul Gandhi ने Saket Police Station की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि Delhi Police ने आरोपों को खारिज किया है।
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By EDITOR

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