भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) आरएस गोपालन ने सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS के लिए आवेदन किया है। उनका यह फैसला राज्य में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है। गोपालन ने साफ कहा है कि VRS लेने का फैसला पूरी तरह निजी कारणों से है और इसका SIR से कोई संबंध नहीं है।

2001 बैच के IAS अधिकारी गोपालन ने बुधवार को VRS के लिए आवेदन किया। वह अपनी निर्धारित सेवानिवृत्ति से करीब 21 महीने पहले सेवा छोड़ने का विकल्प चुन रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गोपालन ने बताया कि वह 25 साल से अधिक की सेवा पूरी कर चुके हैं और व्यक्तिगत कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का निर्णय लिया है।

गोपालन बोले- SIR से कोई संबंध नहीं

आरएस गोपालन ने कहा कि उनके VRS आवेदन का SIR प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में SIR का काम सफलतापूर्वक पूरा हुआ और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से निभाई।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में SIR के दौरान मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस भी हुई है। हाल ही में धामनगर विधानसभा क्षेत्र में कुछ BLOs के लॉगिन क्रेडेंशियल के कथित अनधिकृत इस्तेमाल से Form-7 के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन अपलोड किए जाने की शिकायत सामने आई थी। मामले में प्रारंभिक जांच के बाद एक अधिकारी को निलंबित किया गया और आगे की जांच के निर्देश दिए गए।

हालांकि, गोपालन ने अपने VRS फैसले को इन घटनाओं से जोड़ने से इनकार किया है।

BJD ने फैसले के समय पर उठाए सवाल

गोपालन के VRS आवेदन के बाद विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) ने फैसले के समय को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से कहा गया कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद CEO का VRS मांगना कई सवाल खड़े करता है।

वहीं, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी गोपालन के फैसले पर संदेह जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी पर दबाव हो सकता है और मौजूदा परिस्थितियों से निकलने के लिए उन्होंने VRS का रास्ता चुना होगा। हालांकि, यह विपक्ष की ओर से किया गया आरोप है और गोपालन ने अपने फैसले को निजी कारणों से जोड़ा है।

SIR के दौरान सामने आए थे विवाद

ओडिशा में SIR के दौरान मतदाता सूची में नामों के सत्यापन और संभावित हटाए जाने को लेकर राजनीतिक दलों ने अलग-अलग आपत्तियां उठाई थीं। धामनगर में BLOs की शिकायत के अनुसार, उनके credentials का कथित रूप से इस्तेमाल कर Form-7 आवेदन दाखिल किए गए थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, धामनगर में ऐसे 3,000 से अधिक Form-7 आवेदन सामने आए थे। राज्य की सभी 147 विधानसभा सीटों को मिलाकर Form-7 के आधार पर हटाए गए नामों की संख्या 20,707 बताई गई थी। मामले की जांच के दौरान एक अधिकारी के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

2028 में होना था सुपरएनुएशन

आरएस गोपालन 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं और जुलाई 2024 से ओडिशा के Chief Electoral Officer के पद पर कार्यरत थे। वह राज्य के Excise Department के Secretary का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। उनकी नियमित सेवानिवृत्ति जून 2028 में होनी थी।

अब VRS आवेदन पर सरकार की मंजूरी के बाद उनके सेवा से बाहर होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल गोपालन ने अपने फैसले को व्यक्तिगत कारणों से लिया गया निर्णय बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसके समय को लेकर सवाल उठाए हैं।

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By EDITOR

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