बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के खूबसूरत अंदाज और उनकी फिल्मों में पहने गए परिधानों की चर्चा आज भी होती है। खासकर उनके ब्राइडल लुक भारतीय सिनेमा और फैशन की यादगार तस्वीरों में शामिल हैं। फिल्म हम दिल दे चुके सनम में नंदिनी का पारंपरिक लाल-सफेद जोड़ा हो, देवदास में पारो की शाही साड़ी या फिर अभिनेता अभिषेक बच्चन के साथ उनकी वास्तविक शादी में पहनी गई सुनहरी कांजीवरम साड़ी—तीनों ही लुक ने अपनी अलग पहचान बनाई।
इन तीनों खास मौकों पर ऐश्वर्या की ड्रेस मशहूर फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला ने तैयार की थी। अब डिजाइनर ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में इन परिधानों को तैयार करने के पीछे की सोच, उनकी डिजाइनिंग और बारीकियों के बारे में बताया है। 2 नवंबर को साझा किए गए इस वीडियो में नीता ने समझाया कि किस तरह एक ही अभिनेत्री को तीन अलग-अलग मौकों पर बिल्कुल अलग ब्राइडल अंदाज में पेश किया गया।
नीता लुल्ला ने इन तीनों लुक का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर एक महिला कितने अलग-अलग ब्राइडल अवतार अपना सकती है। उनके मुताबिक, इन परिधानों की खासियत सिर्फ उनकी खूबसूरती नहीं थी, बल्कि उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की गई तकनीक, कपड़े की बनावट और हर किरदार की जरूरत के मुताबिक चुनी गई डिजाइन भी थी।
1. ‘हम दिल दे चुके सनम’ में नंदिनी का सादगी भरा लाल-सफेद ब्राइडल लुक
संजय लीला भंसाली की फिल्म हम दिल दे चुके सनम साल 1999 में रिलीज हुई थी। फिल्म में ऐश्वर्या राय ने नंदिनी का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनके कपड़ों और रंगों के चुनाव ने किरदार की चंचलता, भावनाओं और व्यक्तित्व को पर्दे पर उभारने में अहम भूमिका निभाई।
नीता लुल्ला ने बताया कि फिल्म के शादी वाले दृश्य के लिए नंदिनी के पहले के रंगीन और चंचल अंदाज से अलग पारंपरिक लुक तैयार किया गया था। इस खास मौके पर ऐश्वर्या ने लाल और सफेद रंग की सिल्क घारचोला साड़ी पहनी थी।
इस परिधान की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी थी। इसमें जरूरत से ज्यादा सजावट या भारी-भरकम डिजाइन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। लाल और सफेद रंग के कपड़े के साथ पारंपरिक सोने के आभूषणों ने पूरे लुक को खास बनाया। डिजाइनर के मुताबिक, इस लुक को यादगार बनाने के लिए बहुत ज्यादा भव्यता की जरूरत नहीं थी, बल्कि कपड़े के रंग और उसकी पारंपरिक खूबसूरती को प्रमुखता दी गई।
नीता लुल्ला ने इस लुक के बारे में कहा कि कई बार सादगी की खूबसूरती ही किसी परिधान को हमेशा के लिए यादगार बना देती है। लाल और सफेद रंगों का स्पष्ट अंतर नंदिनी के जीवन में आ रहे बदलाव को भी दर्शाता था। एक आजाद ख्याल और चंचल लड़की से विवाह के पारंपरिक माहौल में प्रवेश करने तक का भाव इस परिधान के जरिए दिखाया गया।
2. ‘देवदास’ में पारो का शाही ब्राइडल लुक, 14 गज की कढ़ाई से तैयार हुई साड़ी
साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म देवदास में ऐश्वर्या राय ने पारो का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके परिधान, गहने और पारंपरिक अंदाज दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। खासतौर पर पारो का शादी वाला लुक आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित ब्राइडल लुक में गिना जाता है।
नीता लुल्ला ने बताया कि पारो के शादी वाले परिधान को तैयार करने के लिए उनकी सोच बिल्कुल स्पष्ट थी। किरदार का लुक शाही, सदाबहार, रहस्यमयी और भव्य होना चाहिए था। इसी सोच के आधार पर ऐसी साड़ी तैयार की गई, जिसमें पारंपरिक भारतीय कारीगरी और बारीक डिजाइन का विशेष ध्यान रखा गया।
डिजाइनर के मुताबिक, इस साड़ी में करीब 14 गज की जटिल कढ़ाई का काम किया गया था। इसे बेहद महीन बनारसी जालीदार कपड़े पर तैयार किया गया था। साड़ी पर रेशम के धागों से कढ़ाई, जरदोजी का काम और बारीक बीडवर्क किया गया था। इन सभी चीजों ने परिधान को शाही और भव्य रूप दिया।
हालांकि, इतनी भारी कढ़ाई और पारंपरिक गहनों के कारण साड़ी का वजन काफी अधिक था। ऐसे में ऐश्वर्या के लिए इसे पहनकर चलना और शूटिंग के दौरान सहज रहना आसान नहीं होता। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए साड़ी को पहले से ही सिलकर और ड्रेप करके तैयार किया गया था।
नीता लुल्ला के अनुसार, इस तकनीक का मकसद यह था कि साड़ी पहनने के बाद भी ऐश्वर्या को चलने-फिरने में अधिक परेशानी न हो और पर्दे पर परिधान का लुक भी पूरी तरह व्यवस्थित दिखाई दे।
साड़ी के जालीदार हिस्से के नीचे भारी ब्रोकेड का पेटीकोट लगाया गया था। इस पेटीकोट पर भी पूरी कढ़ाई की गई थी और उसके निचले हिस्से को बारीक फ्रिल्स से तैयार किया गया था। इसका फायदा यह था कि चलते समय यदि साड़ी की बाहरी परत अपनी जगह से थोड़ी भी खिसकती, तब भी नीचे की सभी परतें व्यवस्थित और खूबसूरत दिखाई देती थीं।
इस तरह पारो का ब्राइडल लुक केवल खूबसूरत कपड़े और भारी गहनों तक सीमित नहीं था। इसके पीछे कपड़े की संरचना, वजन का संतुलन और शूटिंग के दौरान अभिनेत्री की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई विस्तृत तैयारी भी शामिल थी।
3. 2007 में अभिषेक बच्चन से शादी के दौरान ऐश्वर्या ने पहनी थी सुनहरी कांजीवरम साड़ी
फिल्मों में ब्राइडल लुक तैयार करने के बाद नीता लुल्ला को ऐश्वर्या राय की वास्तविक शादी के लिए भी परिधान डिजाइन करने का मौका मिला। ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की शादी 20 अप्रैल 2007 को हुई थी। इस खास मौके पर ऐश्वर्या ने सुनहरे रंग की कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी।
नीता लुल्ला ने बताया कि इस बार डिजाइन की सोच फिल्मों से बिल्कुल अलग थी। यहां किसी फिल्मी किरदार की जरूरत या बड़े पर्दे पर दिखने वाली भव्यता को ध्यान में नहीं रखना था। इसके बजाय ऐश्वर्या की अपनी पसंद और उनके व्यक्तिगत अंदाज को प्राथमिकता दी गई थी।
शादी के लिए तैयार की गई कांजीवरम साड़ी के साथ पहने गए ब्लाउज की डिजाइन भी खास थी। ब्लाउज में पांच इंच की संरचित स्लीव रखी गई थी। इस पर जरदोजी और कुंदन की बारीक हाथ की कढ़ाई की गई थी। डिजाइनर के मुताबिक, ब्लाउज को काफी सजावटी बनाया गया था, लेकिन साड़ी के बॉर्डर को जानबूझकर बहुत चौड़ा नहीं रखा गया।
साड़ी का बॉर्डर लगभग एक चौथाई इंच चौड़ा था। इसका उद्देश्य यह था कि साड़ी की पारंपरिक बुनाई, रेशम की बनावट और कपड़े की प्राकृतिक चमक ही सबसे ज्यादा दिखाई दे। डिजाइन में अतिरिक्त सजावट के बजाय कांजीवरम सिल्क की अपनी खूबसूरती को प्रमुखता दी गई।
इस सुनहरी साड़ी के साथ ऐश्वर्या ने पारंपरिक अनकट डायमंड यानी पोल्की ज्वेलरी पहनी थी। साड़ी, कढ़ाईदार ब्लाउज और पारंपरिक आभूषणों के मेल ने उनके शादी के लुक को खास बनाया।
नीता लुल्ला के मुताबिक, इस पूरे परिधान को ऐश्वर्या की अपनी पसंद और उनकी शादी के दिन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। यह लुक फिल्मों के शाही और नाटकीय ब्राइडल परिधानों से अलग था, क्योंकि इसमें अभिनेत्री की व्यक्तिगत पसंद को अधिक महत्व दिया गया था।
ऐश्वर्या की शादी की साड़ी की कीमत पर भी होती रही है चर्चा
ऐश्वर्या राय की शादी में पहनी गई सुनहरी कांजीवरम साड़ी की कीमत को लेकर लंबे समय से इंटरनेट और मीडिया में कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। समय-समय पर सोशल मीडिया पर इस साड़ी की कथित कीमत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
हालांकि, नीता लुल्ला ने अपने वीडियो में साड़ी की किसी निश्चित कीमत की पुष्टि नहीं की। उन्होंने इसके बजाय ब्राइडल कॉउचर की कलात्मकता और उसमें लगने वाली मेहनत की अहमियत पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि इतनी कलात्मक भव्यता वाले ब्राइडल परिधान की कीमत आखिर किस पैमाने से तय की जा सकती है।
तीन अलग-अलग लुक, लेकिन हर बार दिखी डिजाइनिंग की खास सोच
नीता लुल्ला और ऐश्वर्या राय की यह रचनात्मक साझेदारी भारतीय सिनेमा और फैशन की दुनिया में खास स्थान रखती है। हम दिल दे चुके सनम में नंदिनी का सादगी भरा लाल-सफेद घारचोला, देवदास में पारो की भारी कढ़ाई वाली शाही साड़ी और 2007 में वास्तविक शादी के दौरान पहनी गई सुनहरी कांजीवरम साड़ी—तीनों परिधानों का अंदाज एक-दूसरे से बिल्कुल अलग था।
इन तीनों लुक में डिजाइनर ने अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखा। फिल्म के किरदार के अनुसार रंग और पारंपरिक शैली चुनी गई, भव्य ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म के लिए जटिल कढ़ाई और तकनीकी सिलाई का इस्तेमाल हुआ, जबकि वास्तविक शादी के लिए ऐश्वर्या की निजी पसंद और पारंपरिक सिल्क की खूबसूरती को प्राथमिकता दी गई।
यही वजह है कि ऐश्वर्या राय के ये तीनों ब्राइडल अवतार आज भी फैशन और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। नीता लुल्ला द्वारा साझा की गई जानकारी से यह भी पता चलता है कि किसी यादगार ब्राइडल लुक के पीछे केवल महंगे कपड़े या आभूषण नहीं होते, बल्कि डिजाइन, कारीगरी, आराम और पहनने वाले के व्यक्तित्व का संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
ऐश्वर्या राय के ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘देवदास’ और 2007 की शादी के ब्राइडल लुक कैसे तैयार हुए? डिजाइनर नीता लुल्ला ने साड़ी, कढ़ाई और डिजाइन की खास बातें बताईं।
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