भारत की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा e-Sanjeevani ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, e-Sanjeevani के जरिए अब तक 50 करोड़ से ज्यादा टेली-कंसल्टेशन यानी ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श दिए जा चुके हैं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, e-Sanjeevani की शुरुआत का उद्देश्य डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करके देश के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना था। खासतौर पर ग्रामीण, दूरदराज और स्वास्थ्य सुविधाओं से अपेक्षाकृत कम जुड़े इलाकों के लोगों के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण साबित हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, e-Sanjeevani के जरिए अब तक कुल 50,00,92,730 टेली-कंसल्टेशन दर्ज किए जा चुके हैं।

कोरोना महामारी के दौरान बढ़ी e-Sanjeevani की उपयोगिता

e-Sanjeevani की भूमिका कोरोना महामारी के दौरान काफी महत्वपूर्ण हो गई थी। उस समय संक्रमण के खतरे और आवाजाही पर लगी पाबंदियों के कारण लोगों के लिए अस्पताल या डॉक्टर तक पहुंचना मुश्किल था। ऐसे समय में ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श के जरिए मरीजों को घर से ही डॉक्टरों से संपर्क करने का विकल्प मिला।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, टेलीमेडिसिन ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में दूरी, भौगोलिक स्थिति और यात्रा जैसी बाधाओं को कम करने में मदद की है।

मंत्रालय ने कहा कि e-Sanjeevani देश की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था का विकल्प नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण सेवा के रूप में विकसित हुई है।

1.42 लाख से ज्यादा Ayushman Arogya Mandir जुड़े

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में e-Sanjeevani नेटवर्क से 1.42 लाख से ज्यादा Ayushman Arogya Mandir spokes, 19,473 मेडिकल हब और 901 ऑनलाइन OPD जुड़े हुए हैं।

इस नेटवर्क में करीब 2,41,923 पंजीकृत हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स शामिल हैं।

इसका मतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल माध्यम से डॉक्टरों और विशेषज्ञों से जोड़कर मरीजों तक चिकित्सा परामर्श पहुंचाया जा रहा है।

रोजाना 2.5 से 3 लाख टेली-कंसल्टेशन

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, e-Sanjeevani पर प्रतिदिन करीब 2.5 लाख से 3 लाख टेली-कंसल्टेशन हो रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर एक दिन में सबसे ज्यादा 6,30,315 कंसल्टेशन दर्ज किए जा चुके हैं।

सरकार का कहना है कि इससे पता चलता है कि देश में टेलीमेडिसिन सेवाओं को लेकर लोगों का इस्तेमाल और भरोसा बढ़ रहा है।

यह सेवा उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जिन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या जिनके इलाके में विशेषज्ञ डॉक्टर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

15 भाषाओं में उपलब्ध है सेवा

e-Sanjeevani को लोगों की भाषा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 15 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इसमें अंग्रेजी के अलावा 14 भारतीय भाषाएं शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक, अलग-अलग भाषाओं में सेवा उपलब्ध होने से देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल आसान हुआ है।

महिलाओं और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी

e-Sanjeevani के इस्तेमाल में महिलाओं की हिस्सेदारी भी काफी अधिक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कुल उपयोग में 57.14 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।

वहीं, कुल टेली-कंसल्टेशन में 40.15 फीसदी परामर्श 46 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों द्वारा लिए गए हैं। इनमें 16.25 फीसदी हिस्सेदारी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों की है।

मंत्रालय के अनुसार, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि टेलीमेडिसिन उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है, जिन्हें अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में ज्यादा समय और यात्रा करनी पड़ती है।

AI तकनीक से भी जोड़ा गया e-Sanjeevani

स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार e-Sanjeevani की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ा रहा है। हाल ही में प्लेटफॉर्म में Artificial Intelligence आधारित Clinical Decision Support System (AI-CDSS) को भी जोड़ा गया है।

यह सिस्टम डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की जांच और परामर्श के दौरान निर्णय लेने में सहायता करता है। सरकार का कहना है कि इससे टेलीमेडिसिन परामर्श की गुणवत्ता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

Emergency Response System से भी कनेक्शन

e-Sanjeevani को Emergency Response Support System के साथ भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मेडिकल सहायता और रिमोट मेडिकल विशेषज्ञता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

इस एकीकरण के जरिए आपात स्थिति में मरीजों तक मेडिकल विशेषज्ञता पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

अब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़ रही सेवा

e-Sanjeevani की शुरुआत मुख्य रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक डिजिटल पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। अब इसका विस्तार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक भी किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, चुनिंदा विशेषज्ञताओं के लिए Patient-to-Doctor Teleconsultation की सुविधा AIIMS Jodhpur, AIIMS Jammu और AIIMS Patna में शुरू की गई है।

इस सुविधा के जरिए मरीज अपने घर से ही इन प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श ले सकते हैं।

सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिलने के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने और अस्पतालों में लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।

आगे और संस्थानों तक विस्तार की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, विशेषज्ञ टेली-कंसल्टेशन की सुविधा को आने वाले समय में देश के अन्य प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों तक भी विस्तार देने की योजना है।

e-Sanjeevani के 50 करोड़ से ज्यादा टेली-कंसल्टेशन पूरे करना भारत के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाना तथा खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा विशेषज्ञता की पहुंच को मजबूत करना है।

Share this News

By EDITOR

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x