भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास Tarang Shakti में इस बार एक नया रिकॉर्ड बन रहा है। जोधपुर में आयोजित इस बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में भारतीय वायुसेना की 25 से अधिक महिला अधिकारी लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य विमानों को उड़ा रही हैं। यह किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय वायुसेना की महिला अधिकारियों की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी बताई जा रही है।

दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास में भारत के साथ दुनिया के कई प्रमुख देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इसमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल हैं। अलग-अलग देशों के लड़ाकू और सैन्य विमान इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे Tarang Shakti भारत में आयोजित सबसे महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में से एक बन गया है।

पहली बार अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में इतनी बड़ी संख्या में महिला अधिकारी

भारतीय वायुसेना ने करीब एक दशक पहले महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम का रास्ता खोला था। इसके बाद महिला पायलटों ने लड़ाकू विमानों की उड़ान से लेकर विभिन्न परिचालन भूमिकाओं में अपनी क्षमता साबित की है।

अब Tarang Shakti में 25 से अधिक महिला अधिकारियों की भागीदारी इस बदलाव को एक नए स्तर पर ले जाती है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला अधिकारी इस अभ्यास में केवल प्रतीकात्मक भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि वे अन्य IAF पायलटों के साथ वास्तविक उड़ान और परिचालन गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं।

अभ्यास में महिला अधिकारियों के साथ करीब 125 पुरुष IAF पायलट भी शामिल हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि इसे महिला या पुरुष के नजरिए से देखने के बजाय क्षमता और दक्षता के आधार पर देखा जाना चाहिए। भारतीय वायुसेना में भूमिका का निर्धारण अधिकारी की योग्यता, कौशल और परिचालन क्षमता के आधार पर होता है।

महिला पायलटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी

अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भारतीय वायुसेना की महिला पायलटों की भागीदारी पहले काफी सीमित रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले कई अभ्यासों में महिला पायलटों की संख्या आमतौर पर एक अंक तक ही रही थी।

Tarang Shakti में 25 से अधिक महिला अधिकारियों की भागीदारी इस लिहाज से बड़ा बदलाव है। यह भारतीय वायुसेना में महिलाओं के लिए लड़ाकू और परिचालन भूमिकाओं के विस्तार को भी दर्शाता है।

महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक परिचालन और नेतृत्व की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

Tarang Shakti में आठ देशों की वायु सेनाएं

जोधपुर में आयोजित दो सप्ताह के इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में कुल आठ देशों की वायु सेनाएं शामिल हैं। भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, UAE, बांग्लादेश और श्रीलंका की वायु सेनाएं अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं।

इस तरह के अभ्यासों का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय और संयुक्त अभियानों की क्षमता को बेहतर करना होता है। अलग-अलग देशों के पायलटों और सैन्य दलों को एक-दूसरे के साथ काम करने तथा विभिन्न परिस्थितियों में संयुक्त अभ्यास का अनुभव मिलता है।

Tarang Shakti में विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों और सपोर्ट प्लेटफॉर्म की मौजूदगी इसे और महत्वपूर्ण बना रही है।

F-35 से Rafale तक, कई आधुनिक विमान अभ्यास में शामिल

इस अभ्यास में कई अत्याधुनिक लड़ाकू और सैन्य विमान हिस्सा ले रहे हैं। विदेशी विमानों में F-35, F-16, Rafale, A400M, A330 MRTT, KC-135 और C-130 जैसे विमान शामिल हैं।

अमेरिकी वायुसेना के F-35 विमानों का भारतीय वायुसेना के Tejas लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरना भी अभ्यास की प्रमुख तस्वीरों में शामिल रहा है। इसके अलावा फ्रांस के Rafale और अन्य देशों के विमान भी इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का हिस्सा हैं।

एक ही अभ्यास में अलग-अलग देशों के इतने आधुनिक विमान शामिल होने से भारतीय वायुसेना के पायलटों को विभिन्न विमान प्रणालियों और परिचालन प्रक्रियाओं के साथ अभ्यास करने का अवसर मिल रहा है।

IAF के Tejas और Sukhoi भी अभ्यास का हिस्सा

Tarang Shakti में भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख विमान भी शामिल हैं। इनमें स्वदेशी Tejas के साथ-साथ Sukhoi जैसे लड़ाकू विमान भी शामिल हैं।

भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ानें इस अभ्यास को खास बनाती हैं। इससे पायलटों को अलग-अलग विमान प्रणालियों के साथ परिचालन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है।

इसके अलावा अभ्यास में केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि परिवहन, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग और अन्य विशेष भूमिका वाले विमान भी शामिल हैं।

केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, सपोर्ट एयरक्राफ्ट भी अहम

Tarang Shakti की खासियत यह है कि इसमें केवल फाइटर जेट्स की भागीदारी तक सीमित नहीं है। अभ्यास में कई ऐसे विमान भी शामिल हैं जो वास्तविक हवाई अभियानों में सपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

A330 MRTT और KC-135 जैसे विमान हवा में ईंधन भरने की क्षमता से जुड़े हैं, जबकि A400M और C-130 जैसे विमान रणनीतिक और सामरिक एयरलिफ्ट भूमिकाओं के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

ऐसे प्लेटफॉर्म के साथ अभ्यास करने से भारतीय वायुसेना के पायलटों और अन्य कर्मियों को बड़े स्तर के संयुक्त हवाई अभियानों की जटिलताओं को समझने का अवसर मिलता है।

महिला अधिकारियों की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण?

भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भूमिका पिछले एक दशक में लगातार बढ़ी है। फाइटर स्ट्रीम में महिलाओं को शामिल करने के फैसले ने सैन्य विमानन में उनके लिए नए अवसर खोले।

आज महिला अधिकारी लड़ाकू विमानों के साथ-साथ परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। Tarang Shakti जैसे अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में उनकी बड़ी संख्या में भागीदारी इस बदलाव को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदर्शित करती है।

हालांकि वायुसेना के अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि सैन्य अभियानों में प्राथमिकता लिंग नहीं बल्कि योग्यता, प्रशिक्षण, कौशल और परिचालन क्षमता को दी जाती है।

भारत की बढ़ती सैन्य कूटनीति का भी हिस्सा

बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास केवल युद्धक क्षमता की ट्रेनिंग तक सीमित नहीं होते। इनके जरिए भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य सहयोग और आपसी समझ भी मजबूत होती है।

Tarang Shakti में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और UAE जैसे देशों की भागीदारी भारत के इन देशों के साथ बढ़ते रक्षा सहयोग को भी दर्शाती है। बांग्लादेश और श्रीलंका की भागीदारी क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

अलग-अलग देशों के विमान और सैन्य दल एक साथ अभ्यास कर रहे हैं, जिससे भविष्य में संयुक्त अभियानों और आपसी समन्वय की क्षमता को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

भारत के लिए Tarang Shakti का बड़ा संदेश

Tarang Shakti में महिला अधिकारियों की रिकॉर्ड भागीदारी के साथ-साथ अत्याधुनिक विदेशी विमानों की मौजूदगी इसे भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण अभ्यास बनाती है।

एक तरफ जहां 25 से अधिक महिला अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस अभ्यास में अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय Tejas और Sukhoi जैसे विमान अमेरिका के F-35, F-16 और फ्रांस के Rafale जैसे आधुनिक विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय वायुसेना अब केवल अपने प्लेटफॉर्म की क्षमता पर ही नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों के साथ संयुक्त रूप से जटिल हवाई अभियानों में काम करने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है।

Tarang Shakti का यह संस्करण भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, भारत की बढ़ती सैन्य साझेदारी और आधुनिक हवाई युद्ध क्षमताओं के बीच तालमेल का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।

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By EDITOR

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