फिल्मों की शूटिंग के दौरान कई बार ऐसे हादसे हो जाते हैं, जिनकी कल्पना कलाकारों ने भी नहीं की होती। ऐसा ही एक वाकया बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम 2’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। फिल्म में सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत गायतोंडे का किरदार निभाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत ने हाल ही में उस घटना को याद किया, जब एक सीन की शूटिंग के दौरान उनसे गलती से अभिनेत्री इशिता दत्ता को असली थप्पड़ लग गया था। खास बात यह थी कि इस सीन की पहले से रिहर्सल की गई थी और दोनों कलाकारों के बीच एक निश्चित दूरी भी रखी गई थी। लेकिन फाइनल टेक के दौरान दूरी कम हो गई और कमलेश का हाथ सीधे इशिता के चेहरे पर जा लगा।
इस घटना के बाद कमलेश सावंत काफी घबरा गए थे। उन्हें इस बात का डर था कि उनकी गलती से इशिता को चोट लग गई होगी। फिल्म के निर्देशक निशिकांत कामत भी इस घटना पर नाराज हो गए थे। हालांकि, इशिता दत्ता ने तुरंत बीच में आकर कमलेश का बचाव किया और कहा कि इसमें उनकी गलती नहीं थी। अभिनेत्री के इस व्यवहार को कमलेश आज भी याद करते हैं।
रिहर्सल में तय थी दूरी, लेकिन फाइनल टेक में हो गई गलती
कमलेश सावंत ने हाल ही में Screen के साथ बातचीत में ‘दृश्यम 2’ के सेट पर हुए इस वाकये के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक ऐसा सीन था, जिसमें उनके किरदार को इशिता दत्ता के किरदार को थप्पड़ मारना था। इस सीन को शूट करने से पहले दोनों कलाकारों ने इसकी रिहर्सल की थी।
रिहर्सल के दौरान दोनों के बीच एक निश्चित दूरी रखी गई थी, ताकि थप्पड़ मारने का अभिनय वास्तविक लगे, लेकिन अभिनेत्री को चोट न पहुंचे। कमलेश ने बताया कि उन्होंने रिहर्सल के मुताबिक ही अपना हाथ चलाया था। लेकिन जब फाइनल टेक लिया गया, तब दोनों के बीच की दूरी पहले से कम हो गई थी।
कमलेश के मुताबिक, उन्होंने उसी दूरी को ध्यान में रखकर हाथ उठाया, जो रिहर्सल के समय तय की गई थी। लेकिन दूरी कम होने के कारण उनका हाथ सीधे इशिता दत्ता के चेहरे पर लग गया। इस तरह एक ऐसा सीन, जिसे केवल अभिनय के रूप में फिल्माया जाना था, अचानक वास्तविक घटना में बदल गया।
अभिनेता ने इस घटना को याद करते हुए कहा, “रिहर्सल के दौरान एक सीन था, जिसमें मुझे इशिता दत्ता को थप्पड़ मारना था और उस समय एक निश्चित दूरी रखी गई थी। फाइनल टेक के दौरान दूरी कम हो गई। मैंने रिहर्सल के हिसाब से अपना हाथ उठाया और मेरा हाथ सीधे इशिता दत्ता के चेहरे पर लग गया।”
निर्देशक निशिकांत कामत भी हो गए थे नाराज
कमलेश सावंत ने बताया कि थप्पड़ लगने के तुरंत बाद सेट पर स्थिति असहज हो गई थी। इस घटना से वह खुद काफी परेशान हो गए थे। वहीं, फिल्म के निर्देशक निशिकांत कामत ने भी दूसरी तरफ से नाराजगी जताई थी।
कमलेश के अनुसार, निर्देशक ने उन्हें डांटा और गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उस समय अभिनेता को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक हुई इस गलती पर क्या प्रतिक्रिया दें। वह पहले से ही इस बात को लेकर परेशान थे कि इशिता को उनके हाथ से चोट लग गई है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच इशिता दत्ता ने जिस तरह कमलेश का साथ दिया, उसने अभिनेता को काफी राहत दी। इशिता ने तुरंत निर्देशक को समझाया कि इस घटना में कमलेश की गलती नहीं थी। उन्होंने बताया कि रिहर्सल के दौरान जिस दूरी पर सीन तैयार किया गया था, फाइनल टेक में वह दूरी कम हो गई थी। कमलेश ने भी उसी हिसाब से अपना हाथ उठाया था।
इशिता दत्ता ने किया कमलेश सावंत का बचाव
कमलेश सावंत ने बातचीत में बताया कि जब निर्देशक निशिकांत कामत ने नाराजगी जताई, तब इशिता दत्ता ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने निर्देशक से कहा कि कमलेश की गलती नहीं है, बल्कि फाइनल टेक के दौरान दूरी कम होने की वजह से ऐसा हुआ।
इशिता ने कहा था, “नहीं सर, नहीं। इसमें उनकी गलती नहीं है। दूरी मेरी वजह से कम हुई थी और उन्होंने रिहर्सल के हिसाब से ही अपना हाथ उठाया था। इसलिए यह मेरी गलती है।”
कमलेश के मुताबिक, इशिता का इस तरह उनके समर्थन में सामने आना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। उन्होंने कहा कि उस समय वह घबराहट के कारण लाल पड़ गए थे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इशिता इतनी सहजता से पूरी स्थिति को समझेंगी और उनके पक्ष में बात करेंगी।
अभिनेता ने कहा, “वह आगे आईं और मेरा समर्थन किया। यह बहुत बड़ी बात है। मैं घबराहट के कारण लाल पड़ गया था।”
कमलेश ने इस घटना को याद करते हुए इशिता के व्यवहार की सराहना की। उनके मुताबिक, शूटिंग के दौरान हुई इस गलती के बाद अभिनेत्री ने जिस समझदारी और सहयोग का परिचय दिया, वह उनके लिए यादगार अनुभव बन गया।
अजय देवगन के साथ ‘खाकी’ के बाद ‘दृश्यम’ में किया था काम
इसी बातचीत में कमलेश सावंत ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अजय देवगन के साथ उनकी पहली मुलाकात फिल्म ‘खाकी’ के दौरान हुई थी, जो साल 2004 में रिलीज हुई थी। इसके करीब 14 साल बाद दोनों ने फिल्म ‘दृश्यम’ के सेट पर दोबारा साथ काम किया।
कमलेश ने बताया कि ‘दृश्यम’ की शूटिंग गोवा में चल रही थी। उस समय अजय देवगन एक तरफ खड़े थे और कमलेश दूसरी तरफ थे। कमलेश के मन में यह विचार था कि अजय देवगन बड़े सुपरस्टार हैं और उनके पास लंबे संवादों तथा महत्वपूर्ण दृश्यों की तैयारी का काम रहता है। ऐसे में वह खुद जाकर उन्हें परेशान नहीं करना चाहते थे।
कमलेश ने कहा कि वह खुद को एक छोटे किरदार में काम करने वाला कलाकार मानते थे, जबकि अजय देवगन फिल्म के मुख्य अभिनेता थे। इसलिए उन्होंने सोचा कि अजय को अपने काम की तैयारी करने देना चाहिए और उनसे मिलने के लिए आगे नहीं बढ़े।
लेकिन कमलेश के मुताबिक, अजय देवगन खुद उनके पास आए और बातचीत शुरू की। उन्होंने कमलेश से पूछा कि क्या वह फिल्म ‘खाकी’ में भी उनके साथ थे।
अजय देवगन ने खुद आकर की थी कमलेश से बातचीत
कमलेश सावंत ने अजय देवगन के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बताया कि अभिनेता ने ‘खाकी’ के एक सीन का जिक्र भी किया था। अजय ने उनसे पूछा था कि क्या वह वही कलाकार हैं, जो फिल्म में ट्रैक पर दौड़ते हैं और जिन पर वह गोली चलाते हैं। इसके बाद उन्होंने कमलेश की पत्नी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री की भी तारीफ की थी।
कमलेश ने बातचीत में कहा, “खाकी के बाद जब हम 14 साल बाद गोवा में ‘दृश्यम’ के सेट पर मिले, तो अजय देवगन दूर खड़े थे और मैं दूसरी तरफ था। वह सुपरस्टार हैं और मैं एक छोटा किरदार निभाने वाला कलाकार हूं। उनके बड़े सीन और लंबे संवाद होते हैं, इसलिए उन्हें तैयारी करनी होती है। मैंने सोचा कि मैं उन्हें क्यों परेशान करूं? लेकिन वह खुद मेरे पास आए और बोले, ‘कमलेश, तुम खाकी में थे न? तुम ट्रैक पर दौड़ते हो और मैं तुम पर गोली चलाता हूं? फिर तुम्हारी पत्नी का एक सीन है? वाह, क्या अभिनेत्री हैं!’”
कमलेश के लिए यह अनुभव खास था, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने बड़े अभिनेता खुद उनके पास आकर पुरानी फिल्म के सीन याद करेंगे। उन्होंने कहा कि छोटे किरदारों में काम करने वाले कलाकारों के साथ भी बड़े सितारों का अच्छा व्यवहार उनके लिए मायने रखता है।
छोटे कलाकारों के साथ बड़े सितारों के व्यवहार की भी की तारीफ
कमलेश सावंत ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उन्हें अपने करियर में कई बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है। उनके अनुभव के मुताबिक, बड़े सितारों ने उनके साथ हमेशा सम्मान और विनम्रता से व्यवहार किया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी फिल्म में कलाकार का किरदार छोटा हो सकता है, लेकिन सेट पर उसके साथ सम्मान से पेश आना महत्वपूर्ण है। अजय देवगन का खुद उनके पास आकर बातचीत करना भी उनके लिए ऐसा ही एक यादगार अनुभव रहा।
कमलेश सावंत ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ में सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत गायतोंडे के किरदार से दर्शकों के बीच पहचाने जाते हैं। वहीं, इशिता दत्ता ने फिल्म में अजय देवगन के किरदार विजय सलगांवकर की बेटी अंजू का किरदार निभाया था।
‘दृश्यम 2’ के सेट पर हुई थप्पड़ वाली घटना को याद करते हुए कमलेश ने इशिता के सहयोग और अजय देवगन के व्यवहार से जुड़े अनुभव साझा किए। उनकी यह बातें फिल्म की शूटिंग के दौरान कलाकारों के बीच होने वाले आपसी तालमेल और सम्मान के एक अलग पहलू को सामने लाती हैं।
कमलेश सावंत ने खुलासा किया कि Drishyam 2 की शूटिंग के दौरान रिहर्सल की दूरी कम होने से गलती से इशिता दत्ता को असली थप्पड़ लग गया था। जानिए अजय देवगन और निशिकांत कामत से जुड़ा पूरा किस्सा।
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