कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब में आयोजित पार्टी की ‘इंसाफ रैली’ के दौरान दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद किया। इस मौके पर उन्होंने मूसेवाला के पिता को मंच पर आमंत्रित किया और गायक के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। राहुल गांधी ने बताया कि जब सिद्धू मूसेवाला पहली बार उनसे मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे, तब उन्होंने उनके गाने तक नहीं सुने थे और न ही उनकी आवाज से परिचित थे। इसके बावजूद सिंगर की शख्सियत और बातचीत के अंदाज ने उन पर गहरी छाप छोड़ी थी।
राहुल गांधी ने मूसेवाला को एक प्रभावशाली, ऊर्जावान और प्रतिभाशाली युवा बताया। उन्होंने कहा कि पहली मुलाकात के दौरान ही उन्हें लगा था कि सिद्धू राजनीति जैसे मुश्किल क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। राहुल के मुताबिक, उस समय उनके मन में यह विचार आया था कि उन्हें इस युवा गायक को राजनीतिक माहौल में सहज महसूस कराने और पार्टी के भीतर सहयोग देने की जरूरत है।
इसी रैली में राहुल गांधी ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में नशा खत्म करने का वादा करने वाली सरकार अब तक राज्य के किन हिस्सों से इस समस्या को समाप्त कर पाई है। इसके साथ ही उन्होंने संसद में भगवंत मान के साथ अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन पर शराब के सेवन को लेकर आरोप भी लगाए।
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टैटू बनवाकर राहुल गांधी के कमरे में पहुंचे थे सिद्धू मूसेवाला
राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ साल पहले गायक उनसे मिलने उनके कार्यालय आए थे। उस समय राहुल गांधी को सिद्धू मूसेवाला के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने न तो उनके गाने सुने थे और न ही उनकी आवाज से परिचित थे।
राहुल गांधी ने कहा कि जब सिद्धू उनके कमरे में आए तो उनके शरीर पर बने टैटू ने उनका ध्यान खींचा। उन्हें बताया गया था कि सिद्धू एक अच्छे इंसान और संगीतकार हैं तथा कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। राहुल के मुताबिक, उस मुलाकात में सिद्धू का व्यक्तित्व उन्हें काफी प्रभावशाली लगा।
राहुल गांधी ने कहा, “कुछ साल पहले मैं अपने कार्यालय में उनके बेटे से मिला था। उस समय मैं सिद्धू मूसेवाला को नहीं जानता था। मैं उनसे पहली बार मिल रहा था और उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता था। वह एक प्रभावशाली युवा थे। वह टैटू बनवाकर कमरे में आए थे। उस समय मैंने उनके गाने नहीं सुने थे और न ही उनकी आवाज सुनी थी। मुझे सिर्फ इतना बताया गया था कि वह अच्छे इंसान हैं, संगीतकार हैं और कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि जब कोई व्यक्ति उनसे मिलने आता है तो वह केवल उसकी बातों के आधार पर राय नहीं बनाते, बल्कि उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को भी ध्यान से देखते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सिद्धू उन्हें एक ऊर्जावान और प्रतिभाशाली युवा लगे, इसलिए उन्होंने उन्हें कांग्रेस पार्टी में शामिल किया।
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राजनीति में आने पर सिद्धू मूसेवाला को लेकर चिंतित थे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए बताया कि सिद्धू मूसेवाला से पहली मुलाकात के दौरान उनके मन में एक अलग तरह की चिंता भी पैदा हुई थी। उन्हें लगा था कि एक युवा गायक राजनीति के ऐसे क्षेत्र में कदम रख रहा है, जहां कई तरह की चुनौतियां और मुश्किलें हो सकती हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक, सिद्धू एक लोकप्रिय गायक और प्रतिभाशाली युवा थे, लेकिन राजनीति की दुनिया को वह बहुत अच्छी तरह नहीं समझते थे। इसी वजह से राहुल को लगा कि उन्हें पार्टी के भीतर सिद्धू को सहयोग और राजनीतिक समर्थन देना चाहिए, ताकि वह नए माहौल में सहज महसूस कर सकें।
उन्होंने कहा, “हमारी मुलाकात के दौरान अचानक मेरे मन में एक विचार आया। मुझे लगा कि वह एक खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि मेरे मन में ऐसा विचार क्यों आया। वह एक गायक थे, ऊर्जावान युवा थे और राजनीति को बहुत अच्छी तरह नहीं समझते थे। मुझे लगा कि मुझे अपने तरीके से उनकी रक्षा करनी चाहिए।”
राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कहने का मतलब शारीरिक सुरक्षा से नहीं था। उस समय उनके मन में ऐसी कोई बात नहीं आई थी। वह राजनीतिक सुरक्षा और पार्टी के भीतर सहयोग की बात कर रहे थे। उनका कहना था कि वह चाहते थे कि सिद्धू मूसेवाला राजनीति के माहौल में खुद को सहज महसूस करें।
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मई 2022 में पंजाब के मानसा जिले में हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या
सिद्धू मूसेवाला की हत्या मई 2022 में पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर कर दी गई थी। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद देशभर में शोक और आक्रोश देखने को मिला था। इस घटना के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे थे।
सिद्धू मूसेवाला पंजाबी संगीत जगत के लोकप्रिय गायकों में शामिल थे। संगीत के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा था और कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। उनकी हत्या ने उनके प्रशंसकों और संगीत जगत को गहरा झटका दिया था।
राहुल गांधी इससे पहले भी सिद्धू मूसेवाला को याद कर चुके हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि INDIA गठबंधन कितनी सीटें जीतेगा, तब उन्होंने जवाब में ‘295’ कहा था। इस संख्या को सिद्धू मूसेवाला के लोकप्रिय गाने ‘295’ से जोड़कर देखा गया था। इस तरह राहुल गांधी ने एक बार फिर अपनी रैली में मूसेवाला का जिक्र कर उन्हें याद किया।
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राहुल गांधी ने भगवंत मान सरकार से पूछा- पंजाब में कहां खत्म हुआ नशा?
इंसाफ रैली के दौरान राहुल गांधी ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने का वादा किया था। ऐसे में अब सरकार को बताना चाहिए कि उसने राज्य के किन हिस्सों में इस समस्या को समाप्त किया है।
राहुल गांधी ने रैली में कहा कि पंजाब के लोगों ने भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया था। पार्टी ने नशे के खिलाफ कार्रवाई और नशे की समस्या खत्म करने का वादा किया था। लेकिन अब सवाल यह है कि सरकार अपने इस वादे को पूरा करने में कहां तक सफल हुई है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी सत्ता में आई और आपने उस पर भरोसा जताया। पंजाब ने भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर विश्वास किया। उनका वादा क्या था? वे नशे की समस्या खत्म करेंगे। मैं पूछना चाहता हूं कि उन्होंने नशा कहां खत्म किया है? पंजाब के किस हिस्से से उन्होंने नशे की समस्या समाप्त की है? वे नशे को खत्म नहीं कर सकते।”
इस बयान के जरिए राहुल गांधी ने राज्य सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई और उसके चुनावी वादों पर सवाल खड़े किए।
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भगवंत मान पर शराब पीने को लेकर राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने रैली के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर एक व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने दावा किया कि जब वह लोकसभा में सांसदों के साथ बैठते थे, तब भगवंत मान भी वहां मौजूद रहते थे और सुबह के समय उनके साथ बातचीत तथा मजाक किया करते थे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 11 बजे तक भगवंत मान की सांसों से शराब की गंध आती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवंत मान के व्यक्तिगत रूप से शराब पीने पर आपत्ति नहीं है, क्योंकि यह उनका निजी मामला है। लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है, तो उसे खुद भी नशे के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं लोकसभा में था, तब वह सुबह-सुबह हमारे साथ बैठते थे और मजाक करते थे। लेकिन सुबह 11 बजे तक उनकी सांसों से शराब की गंध आती थी। मैं यह नहीं कह रहा कि भगवंत मान को शराब नहीं पीनी चाहिए। यह उनका निजी मामला है। अगर वह शराब पीना चाहते हैं तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। लेकिन अगर आप नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहते हैं, तो आपके मुख्यमंत्री को खुद नशे के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।”
यह आरोप राहुल गांधी ने रैली के दौरान लगाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में इस बयान को राहुल गांधी के दावे के तौर पर दर्ज किया गया है।
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सिद्धू मूसेवाला को याद करने के साथ पंजाब सरकार पर भी हमलावर रहे राहुल गांधी
पंजाब में आयोजित ‘इंसाफ रैली’ के दौरान राहुल गांधी के भाषण में दो प्रमुख मुद्दे सामने आए। एक तरफ उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए उनके साथ हुई पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया और बताया कि किस तरह एक युवा गायक ने पहली ही मुलाकात में उन्हें प्रभावित किया था। दूसरी तरफ उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता को मंच पर बुलाकर उनके बेटे को याद किया। उन्होंने कहा कि सिद्धू एक प्रतिभाशाली युवा थे और राजनीति में आने के बाद वह चाहते थे कि उन्हें पार्टी के भीतर सहयोग मिले।
वहीं, भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने नशे के खिलाफ किए गए वादों और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री को लेकर लगाए गए आरोपों के जरिए भी उन्होंने आम आदमी पार्टी की नशा विरोधी मुहिम पर हमला बोला।
राहुल गांधी के इस भाषण में सिद्धू मूसेवाला की यादें, पंजाब की राजनीति और नशे का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
पंजाब की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला से पहली मुलाकात का किस्सा सुनाया। टैटू बनवाकर राहुल के कार्यालय पहुंचे थे सिंगर। जानिए भगवंत मान और पंजाब में नशे के मुद्दे पर क्या बोले राहुल गांधी।
पंजाब की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के साथ पहली मुलाकात को याद किया और भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा।
