जमुई, बिहार: जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को लेकर अब सोशल मीडिया पर एक और वीडियो चर्चा में है। वायरल Reel में नंदन यादव बाइक पर बैठा नजर आ रहा है और वीडियो में एक ऑडियो चल रहा है, जिसमें यादव को लेकर दबंग अंदाज वाले शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने जमुई मामले को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है। हालांकि, Sanprit News वायरल Reel की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और इसे किस समय सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

वायरल Reel में क्या दिखाई दे रहा है?

वायरल वीडियो में एक युवक बाइक की पिछली सीट पर बैठा दिखाई देता है। रिपोर्टों में इस व्यक्ति की पहचान नंदन यादव के रूप में बताई जा रही है। वीडियो के बैकग्राउंड में एक ऑडियो चलता है, जिसमें ‘शेर को जगाना और यादव को समझाना…’ जैसे शब्द सुनाई देते हैं।

वीडियो में युवक मूंछों पर ताव देता हुआ भी दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर यह Reel तेजी से शेयर की जा रही है और लोग इसे जमुई मामले के आरोपी से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि, किसी वायरल सोशल मीडिया वीडियो से व्यक्ति की पहचान या वीडियो की तारीख की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए इस Reel से जुड़े दावों को आधिकारिक जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

कौन है नंदन यादव?

पुलिस के मुताबिक नंदन यादव जमुई में 19 सितंबर को हुई उस घटना के प्रमुख आरोपियों में शामिल है, जिसमें एक नाबालिग छात्र और छात्रा को कथित तौर पर रास्ते में रोककर उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई थी।

पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, वायरल फुटेज में चेहरा ढके हुए एक व्यक्ति की पहचान नंदन यादव के तौर पर की गई थी।

रिपोर्टों के मुताबिक नंदन यादव और एक अन्य आरोपी हरेराम यादव को पुलिस ने मंगलवार को एक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। इस दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम यादव को भागने की कोशिश के दौरान चोट लगी। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ नंदन

नंदन यादव की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उसकी तलाश में अभियान चलाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी एक इलाके में छिपे हुए थे। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने उन्हें घेरने की कोशिश की।

जमुई के SP विश्वजीत दयाल के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन ने कथित तौर पर गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। बाद में उसे गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था और आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।

19 सितंबर को क्या हुआ था?

पुलिस और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग लड़का और लड़की कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान मड़वा पहाड़ के आसपास कुछ लोगों ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया।

आरोप है कि दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जिसमें लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार दिखाई देता है। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने लोगों से वीडियो को आगे शेयर नहीं करने की अपील भी की है, खासकर क्योंकि इसमें नाबालिगों की पहचान से जुड़े संवेदनशील पहलू हैं।

अब तक कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक नंदन यादव और हरेराम यादव की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच तक पहुंच गई थी, जबकि पुलिस ने वीडियो के आधार पर सात लोगों की पहचान किए जाने की बात कही थी।

कुछ रिपोर्टों में बाद की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तारियों की संख्या अलग बताई गई है। जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई

जमुई पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर साइबर एंगल से भी जांच शुरू की है। पुलिस के मुताबिक कुछ वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रोफाइलों की पहचान की गई है, जिन पर वीडियो को प्रसारित करने या नाबालिग की पहचान उजागर करने का आरोप है। ऐसे मामलों में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़े वीडियो को डाउनलोड करके दोबारा सोशल मीडिया पर पोस्ट या शेयर न करें। इससे पीड़ितों की निजता प्रभावित हो सकती है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

वायरल Reel ने फिर बढ़ाई चर्चा

नंदन यादव से जुड़ी बताई जा रही नई वायरल Reel सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। Reel में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान और वीडियो की रिकॉर्डिंग की तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी अलग से सामने नहीं आई है।

फिलहाल पुलिस की जांच मूल घटना, आरोपियों की भूमिका और वायरल वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों पर केंद्रित है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर हो सकती है।

नोट: नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली तस्वीर, वीडियो, नाम, पता या सोशल मीडिया प्रोफाइल प्रकाशित न करें। वायरल वीडियो या Reel को भी बिना सत्यापन के तथ्य के रूप में पेश करने से बचना चाहिए।

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By EDITOR

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