अमरेली और गिर सोमनाथ में तीन अलग-अलग घटनाएं, सभी वन्यजीवों को सुरक्षित निकाला गया; शावक को मां से मिलाया गया
गुजरात के अमरेली और गिर सोमनाथ जिलों में मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में दो शेरनियां और एक शेर का शावक कुएं में गिर गए। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और तीनों वन्यजीवों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अमरेली जिले के जाफराबाद तालुका के बाबरकोट गांव में मंगलवार रात करीब 10 बजे एक शेरनी खुले और खाली कुएं में गिर गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद जाफराबाद रेंज के वनकर्मी मौके पर पहुंचे और देर रात रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
रात में किया गया शेरनी का रेस्क्यू
वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की कार्रवाई के बाद शेरनी को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 2 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ।
रेस्क्यू के बाद शेरनी को इलाज और निगरानी के लिए बाबरकोट स्थित एनिमल केयर सेंटर ले जाया गया। शेत्रुंजय डिवीजन के डिप्टी कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (DCF) चिराग अमीन ने बताया कि पशु चिकित्सकों की जांच के बाद शेरनी को स्वस्थ घोषित किया जाएगा और फिट पाए जाने पर उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
शिकार का पीछा करते हुए पानी से भरे कुएं में गिरी दूसरी शेरनी
अमरेली जिले में ही मंगलवार को एक अन्य घटना सामने आई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, विरपुर गांव में करीब 3 से 4 साल की एक शेरनी शिकार का पीछा करते हुए खेत में बने पानी से भरे कुएं में गिर गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए शेरनी को कुएं से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उसे भी एनिमल केयर सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी देखभाल की जा रही है।
असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट्स एमके बारोट ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शेरनी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
गिर सोमनाथ में दो महीने का शेर का शावक कुएं में गिरा
इसी तरह की एक तीसरी घटना गिर सोमनाथ जिले के बोडीदार इलाके में सामने आई। मंगलवार को करीब दो महीने का एक नर शेर का शावक एक खेत में बने कुएं में गिर गया।
वन विभाग की टीम ने शावक को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे इलाज तथा देखभाल के लिए जसाधार एनिमल केयर सेंटर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, जरूरी देखभाल के बाद उसी रात शावक को उसकी मां से दोबारा मिला दिया गया।
इस तरह मंगलवार को गुजरात के दो जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं में कुएं में गिरे तीनों वन्यजीवों को वन विभाग ने सुरक्षित बचा लिया।
कुओं में गिरने से वन्यजीवों के लिए खतरा
गुजरात में गिर और उसके आसपास का इलाका एशियाई शेरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एशियाई शेरों का दुनिया में एकमात्र प्राकृतिक आवास गुजरात है, जहां इनकी बड़ी आबादी गिर नेशनल पार्क और आसपास के वन क्षेत्रों में पाई जाती है।
शेरों और अन्य वन्यजीवों का जंगल से बाहर निकलकर आसपास के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पहुंचना भी इस क्षेत्र में अक्सर देखने को मिलता है। ऐसे में खुले या बिना सुरक्षा वाले कुएं वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकते हैं।
मंगलवार की तीनों घटनाओं में वन विभाग को समय पर सूचना मिलने के कारण रेस्क्यू टीमों ने कार्रवाई की और शेरनियों तथा शावक को सुरक्षित बचा लिया। फिलहाल दोनों शेरनियों को देखभाल के लिए एनिमल केयर सेंटर में रखा गया है, जबकि शावक को उसकी मां के साथ दोबारा मिला दिया गया है।
