महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए इस मामले के कथित मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष अदालत ने आठ दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी ने अदालत से 10 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने आठ दिन की अनुमति दी। अब CBI आरोपी से कथित बेटिंग नेटवर्क, उसके वित्तीय लेन-देन और पूरे सिंडिकेट के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। करीब ₹6,000 करोड़ के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी उससे पूछताछ करेगी। बुधवार को रायपुर की विशेष अदालत ने चंद्राकर को आठ दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इस मामले में CBI का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर ने सह-आरोपी रवि उप्पल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव बुक ऐप को बढ़ावा दिया और अलग-अलग पैनल तथा शाखा संचालकों के जरिए ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चलाया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क का संचालन किस तरह होता था और इससे जुड़े पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था।
अदालत ने CBI को दी आठ दिन की हिरासत
बुधवार को सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अदालत से आरोपी की 10 दिनों की हिरासत मांगी थी। एजेंसी का कहना था कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में विस्तृत पूछताछ जरूरी है।
हालांकि, विशेष न्यायाधीश (CBI) मनोज कुमार सिंह ठाकुर ने CBI को आठ दिनों की हिरासत की अनुमति दी। अदालत ने जांच एजेंसी को सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के लिए उसे दिल्ली ले जाने की भी इजाजत दी है।
बचाव पक्ष के वकील तुषार गिरि ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने CBI की मांग पर आठ दिन की कस्टडी मंजूर की है और आरोपी को दिल्ली ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति भी दी गई है।
अब इस अवधि के दौरान जांच एजेंसी आरोपी से कथित बेटिंग कारोबार के संचालन, उसके सहयोगियों, पैनल ऑपरेटरों और नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में सवाल कर सकती है।
रविवार को ओमान से भारत लाया गया था सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर को रविवार को ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। उसके प्रत्यर्पण के बाद सोमवार को उसे दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड मिली थी, ताकि जांच एजेंसी उसे छत्तीसगढ़ लाकर संबंधित अदालत में पेश कर सके।
CBI की एक विशेष टीम को इस कार्रवाई के लिए ओमान भेजा गया था। टीम सौरभ चंद्राकर को अपनी हिरासत में लेकर भारत लौटी। इसके बाद मंगलवार शाम उसे एक निजी विमान से रायपुर लाया गया।
भारत पहुंचने के बाद उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां CBI ने आगे की पूछताछ के लिए 10 दिनों की कस्टडी की मांग की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद आठ दिनों की हिरासत मंजूर कर दी।
महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर लंबे समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसियों सहित कई एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
क्या है ₹6,000 करोड़ का महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला?
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क और उससे जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन की जांच से संबंधित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क को सौरभ चंद्राकर और उसके कथित सहयोगी रवि उप्पल अन्य लोगों के साथ मिलकर संचालित कर रहे थे।
CBI का आरोप है कि आरोपियों ने महादेव बुक ऐप को बढ़ावा दिया और पैनल तथा शाखा संचालकों के माध्यम से ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क तैयार किया। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्थानों पर ऑपरेटरों के जरिए कथित तौर पर सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाती थीं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, पैनल ऑपरेटरों की क्या भूमिका थी और कथित अवैध कमाई को किस तरह एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता था।
सैकड़ों बैंक खातों के इस्तेमाल का आरोप
इस मामले की जांच में वित्तीय लेन-देन को एक अहम पहलू माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित बेटिंग कारोबार से मिलने वाली रकम को इधर-उधर भेजने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए कमीशन के आधार पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए गए थे।
एजेंसियों के मुताबिक, इन बैंक खातों के माध्यम से कथित अवैध बेटिंग गतिविधियों से प्राप्त रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद अलग-अलग खातों के जरिए इस पैसे को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक पहुंचाने का आरोप है।
CBI अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि इन खातों को किसने खुलवाया, इनके संचालन में किन लोगों की भूमिका थी और कथित तौर पर बेटिंग से हासिल रकम को किन रास्तों से विदेश भेजा गया।
दुबई से संचालित होने का आरोप, छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी किया गया शामिल
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का कथित मुख्य संचालन दुबई से होता था। दुबई को इस नेटवर्क का मुख्यालय बताया गया है।
एजेंसियों का आरोप है कि इस कारोबार के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ के बड़ी संख्या में युवाओं को मैनेजर के रूप में नियुक्त किया गया था। इन लोगों को कथित तौर पर नेटवर्क की अलग-अलग गतिविधियों और संचालन की जिम्मेदारी दी जाती थी।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के दुबई से ही इस नेटवर्क को संचालित करने की बात भी जांच के दौरान सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में सौरभ चंद्राकर को UAE के अधिकारियों ने कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था। हालांकि, बाद में वह ओमान चला गया था।
अब ओमान से उसके प्रत्यर्पण के बाद CBI को उससे पूछताछ का मौका मिला है। जांच एजेंसी की कोशिश है कि कथित नेटवर्क के संचालन से लेकर विदेशों में हुए वित्तीय लेन-देन तक की पूरी कड़ी को समझा जा सके।
दिसंबर 2024 में CBI ने अपने हाथ में ली थी जांच
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में CBI ने 18 दिसंबर 2024 को FIR दर्ज की थी। इससे पहले इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) कर रहा था।
राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के बाद CBI ने जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने कथित बेटिंग नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और वित्तीय गतिविधियों की जांच शुरू की।
CBI की जांच का प्रमुख फोकस यह पता लगाना है कि महादेव बुक ऐप के जरिए कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग का संचालन किस तरह किया जा रहा था। इसके साथ ही एजेंसी बैंक खातों, पैनल ऑपरेटरों, सहयोगियों और विदेशों में हुए लेन-देन की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
अब रवि उप्पल और अन्य सहयोगियों की भूमिका पर भी नजर
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब उसके कथित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल करना भी अहम होगा। इस मामले में रवि उप्पल को सौरभ चंद्राकर का सह-संस्थापक और प्रमुख सहयोगी बताया गया है।
जांच एजेंसियों के आरोपों के अनुसार, दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क को बढ़ावा दिया और अलग-अलग ऑपरेटरों के जरिए इसका संचालन किया। ऐसे में CBI की पूछताछ के दौरान रवि उप्पल और अन्य सहयोगियों से जुड़े सवाल भी अहम हो सकते हैं।
फिलहाल CBI सौरभ चंद्राकर से आठ दिनों तक पूछताछ करेगी। इस दौरान एजेंसी कथित बेटिंग नेटवर्क की कार्यप्रणाली, वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में ओमान से भारत लाए गए सौरभ चंद्राकर को रायपुर कोर्ट ने 8 दिन की CBI हिरासत में भेजा। जानिए ₹6,000 करोड़ के कथित बेटिंग नेटवर्क और जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।
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