Gurugram में एक व्यक्ति से कथित तौर पर ₹1.08 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने Haryana के Hisar से 29 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि युवक ने साइबर ठगी करने वाले आरोपियों को अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और आगे निकालने के लिए किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान Hisar के Kharia गांव निवासी Kuldeep के रूप में हुई है। Gurugram Sector-56 Cyber Crime Branch की टीम ने उसे सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक अकाउंट में पीड़ित से ठगी गई कुल रकम में से करीब ₹3.74 लाख जमा हुए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर फ्रॉड में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी की रकम को किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
Stock market investment के नाम पर हुई थी ₹1.08 करोड़ की ठगी
पुलिस के मुताबिक, Gurugram निवासी पीड़ित ने पिछले साल 8 नवंबर को Cyber Crime Police Station (West) में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसे Stock Market Investment के नाम पर निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब ₹1.08 करोड़ की रकम ठग ली।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उन बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें पीड़ित से ठगी गई रकम ट्रांसफर की गई थी।
इसी जांच में Kuldeep के बैंक अकाउंट का भी पता चला। पुलिस के अनुसार, उसके खाते में ठगी की रकम में से ₹3.74 लाख जमा किए गए थे।
बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले मिलता था कमीशन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट अपने एक सहयोगी को उपलब्ध कराया था। पुलिस के मुताबिक, खाते में जब भी बड़ी रकम जमा होती थी, आरोपी को उसके बदले कमीशन मिलता था।
Gurugram पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी Sandeep Turan ने बताया कि आरोपी रकम आने के बाद अपने हिस्से का कमीशन रखने के पश्चात पैसे को या तो नकद निकालकर दूसरे बैंक अकाउंट में जमा करता था या फिर ऑनलाइन किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था।
इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी का बैंक अकाउंट साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
कैसे सामने आया बैंक अकाउंट का कनेक्शन?
पुलिस ने बताया कि ₹1.08 करोड़ की ठगी की शिकायत के बाद मामले की जांच के दौरान पीड़ित के पैसों के लेनदेन और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की गई। इसी दौरान ठगी की रकम के एक हिस्से के Kuldeep के बैंक अकाउंट में पहुंचने की जानकारी सामने आई।
जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे Hisar से गिरफ्तार किया। अब पुलिस आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने अपना बैंक अकाउंट किस व्यक्ति को उपलब्ध कराया था और उस व्यक्ति का साइबर फ्रॉड गिरोह के अन्य सदस्यों से क्या संबंध है।
ठगी की रकम का Money Trail खंगाल रही पुलिस
इस मामले में पुलिस का अगला फोकस ठगी की रकम के पूरे Money Trail का पता लगाने पर है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़ित से प्राप्त ₹1.08 करोड़ की रकम को किन-किन खातों में भेजा गया और इस रकम को किस तरह निकाला या दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खाते में जमा हुए ₹3.74 लाख भी इसी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बैंक ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन ट्रांसफर और दूसरे जुड़े खातों की जांच के जरिए पुलिस कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर उन अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कथित तौर पर साइबर ठगी की पूरी प्रक्रिया में शामिल थे।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य साइबर फ्रॉड में अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए दिया था या नहीं। पुलिस उसके बैंक रिकॉर्ड और संबंधित लेनदेन की भी जांच कर रही है।
Cyber Fraud में Bank Accounts का इस्तेमाल बड़ी चुनौती
साइबर अपराध के मामलों में ठगी की रकम को सीधे आरोपी के खाते में रखने के बजाय कई बार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। पुलिस जांच में ऐसे खातों की भूमिका सामने आने के बाद Money Trail को ट्रैक करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
Gurugram के इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹1.08 करोड़ की ठगी के बाद रकम किस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों तक पहुंची।
फिलहाल Kuldeep की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद इस साइबर फ्रॉड में शामिल अन्य लोगों और रकम के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
