भारत और फिनलैंड के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को आने वाले समय में और मजबूती मिलने की उम्मीद है। भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिनिश राजदूत ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि भारत और फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यापार स्तर दोनों देशों की आर्थिक क्षमता को देखते हुए अभी भी काफी कम है और इसमें विस्तार की बड़ी गुंजाइश मौजूद है।
किविकोस्की ने कहा, “हमारे नेताओं ने व्यापार को दोगुना करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर का है। मेरा मानना है कि यह काफी मामूली स्तर है और इसे दोगुना करने के लिए निश्चित रूप से बड़ी संभावनाएं हैं।”
भारत-EU FTA से बढ़ेंगे कारोबारी अवसर
फिनिश राजदूत के मुताबिक, भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता साल के अंत तक हस्ताक्षरित हो सकता है और अगले साल लागू होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ EU-India FTA दोनों देशों के लिए एक मजबूत राजनीतिक और आर्थिक ढांचा तैयार करेगा। अब फिनलैंड का लक्ष्य इस ढांचे को वास्तविक कारोबारी अवसरों और ठोस परियोजनाओं में बदलना है।
राजदूत ने कहा कि फिनलैंड की कंपनियों में भारतीय बाजार को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। इसी तरह भारतीय कंपनियां भी फिनलैंड में नए अवसर तलाश रही हैं। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच बढ़ती दिलचस्पी को सकारात्मक संकेत बताया।
इस साल भारत-फिनलैंड संबंधों में बढ़ी गतिविधियां
किविकोस्की ने कहा कि मौजूदा साल भारत और फिनलैंड के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से काफी सक्रिय रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिनलैंड से जुड़ी उच्चस्तरीय बातचीत, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा, ओस्लो में नॉर्डिक-इंडिया समिट और विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की फिनलैंड यात्राओं ने दोनों देशों के संबंधों को नई गति दी है।
उन्होंने गुजरात के गांधीनगर में आयोजित World Circular Economy Forum का भी उल्लेख किया। यह कार्यक्रम भारत और फिनलैंड की सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था और पहली बार दक्षिण एशिया में इसका आयोजन हुआ।
राजदूत के अनुसार, इन सभी गतिविधियों के साथ भारत-EU FTA दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर आधार तैयार कर रहा है।
फिनलैंड में भारतीय पेशेवरों की बढ़ती भूमिका
फिनलैंड के राजदूत ने देश में रह रहे भारतीय समुदाय की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि फिनलैंड में 30,000 से अधिक भारतीय स्थायी रूप से रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या ICT और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में काम कर रही है।
उन्होंने भारतीय समुदाय को फिनलैंड में अच्छी तरह से एकीकृत और सम्मानित बताया। राजदूत के मुताबिक, भारतीय पेशेवरों की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारतीय नागरिक और कारोबारी फिनलैंड को रहने और व्यवसाय करने के लिए एक उपयोगी और आकर्षक स्थान के रूप में देखते हैं।
और अधिक कुशल भारतीय कर्मचारियों की उम्मीद
किविकोस्की ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच हुए Mobility Partnership के तहत दोनों देश कुशल श्रमिकों और पेशेवरों से जुड़े मुद्दों पर आगे बातचीत करेंगे। फिनलैंड को उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक कुशल भारतीय पेशेवर वहां काम करने के लिए पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवर पहले से ही फिनलैंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और ICT तथा इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उनकी भूमिका विशेष रूप से अहम है।
राजदूत ने कहा कि उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ी राजनीतिक एवं आर्थिक भागीदारी को ठोस कारोबारी गतिविधियों और वास्तविक परिणामों में बदलना शामिल होगा।
भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, कुशल पेशेवरों की आवाजाही और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और व्यापक बना सकता है।
