बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब चार साल पहले जिस युवक को पुलिस रिकॉर्ड में अपहरण और हत्या का शिकार माना गया था, वह दिल्ली में जिंदा मिला है। युवक दिल्ली में एक फल की दुकान पर काम कर रहा था। उसके जिंदा मिलने के बाद इस मामले की पूरी जांच और पुलिस की पिछली कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
मामला समस्तीपुर के लालपुर इलाके का है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान रविशंकर कुमार के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 20 के दशक के आखिरी वर्षों में बताई जा रही है। रविशंकर बोल नहीं सकता है।
2022 में दर्ज हुआ था अपहरण और हत्या का मामला
साल 2022 में रविशंकर के पिता मदन यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को कहीं छिपा दिया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मुकेश पंडित, सहदेव पंडित तथा दिनेश पंडित समेत चार लोगों को आरोपी बनाया। चुट्टू महतो का नाम भी मामले में सामने आया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आरोपियों में शामिल चुट्टू महतो के अनुसार, वह करीब तीन महीने 18 दिन जेल में रहा और फिलहाल जमानत पर बाहर है। इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि रविशंकर का शव बरामद नहीं हुआ था और उसकी पहचान भी नहीं हो सकी थी।
दिल्ली में फल की दुकान पर मिला रविशंकर
मामले में नया मोड़ 2 अक्टूबर को आया, जब लालपुर के रहने वाले और नोएडा में काम करने वाले आकाश कुमार ने दिल्ली में एक फल की दुकान पर रविशंकर को देखा। आकाश ने उसे पहचान लिया और इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी।
इसके बाद लालपुर से कुछ लोग दिल्ली पहुंचे और रविशंकर को वापस समस्तीपुर लेकर आए। सोमवार को उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले करीब चार वर्षों से रविशंकर कहां था और वह दिल्ली कैसे पहुंचा।
पुलिस फिर से करेगी पूरे मामले की जांच
समस्तीपुर के डिप्टी पुलिस अधीक्षक संजय सिन्हा ने बताया कि मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी। चूंकि रविशंकर बोल नहीं सकता, इसलिए उसका बयान दर्ज करने के लिए पुलिस ने अदालत से सपोर्ट सर्विस इंटरप्रेटर की अनुमति मांगी है।
पुलिस के मुताबिक, रविशंकर का बयान दर्ज होने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि 2022 में दर्ज हत्या के मामले की परिस्थितियां क्या थीं और चार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई किस आधार पर हुई थी।
रविशंकर के जिंदा मिलने के बाद अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति को मृत मान लिया गया था, वह इतने वर्षों तक कहां रहा और उसके परिवार को उसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। पुलिस की नई जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
