चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव मंगलवार को और तेज हो गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि अगर चुनाव में कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ हुई है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने अपने चुनाव कैसे जीते।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए सांसद बने हैं। पात्रा ने यह भी सवाल उठाया कि कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में बनी सरकारों के चुनावी जनादेश को भी क्या कांग्रेस इसी तरह संदिग्ध मानती है।

‘अगर वोट चोरी हुई तो कांग्रेस की जीत कैसे हुई?’

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जिन चुनावों में कांग्रेस को जीत मिली, क्या वहां भी उसी चुनावी व्यवस्था के तहत मतदान और मतगणना नहीं हुई थी।

बीजेपी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों में अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आते हैं तो वह उसी चुनावी प्रक्रिया को स्वीकार करती है, लेकिन हार के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाती है।

Form 6 को लेकर क्या है विवाद?

पूरे विवाद के केंद्र में Form 6 है। यह फॉर्म नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि बिहार में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया के दौरान Form 6 में बदलाव किए गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे कथित तौर पर एकतरफा और गैरकानूनी तरीके से किया।

5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत ने Form 6 में किए गए किसी भी संशोधन को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड देखकर यह पता लगाया जाएगा कि बदलाव किसने किए थे।

इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि CEC ने Form 6 में कथित तौर पर गैरकानूनी और एकतरफा बदलाव किए।

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को बताया ‘भ्रामक’

राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने उनकी बातों को ‘misleading’ यानी भ्रामक बताया है। आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को बिहार में SIR शुरू करने का आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।

ECI ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में बिहार SIR के आदेश को बरकरार रखा था। आयोग ने 26 सितंबर की अपनी प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा कि SIR के लिए Form 6 के साथ जुड़े declaration को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था।

हालांकि, विवाद का एक अहम पहलू यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार की सुनवाई में कहा कि उसने Form 6 के किसी modified version को मंजूरी नहीं दी थी। अदालत अब रिकॉर्ड के आधार पर यह देख रही है कि संबंधित बदलाव किस स्तर पर किए गए थे।

बीजेपी ने कांग्रेस से पूछे 10 सवाल

संबित पात्रा ने राहुल गांधी से कई सवाल पूछते हुए कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह चुनाव आयोग की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है या केवल कुछ प्रक्रियाओं को लेकर आपत्ति है।

पात्रा ने सवाल किया कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर इतना अविश्वास है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता इसी चुनावी व्यवस्था के जरिए संसद तक कैसे पहुंचे।

उन्होंने कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस या विपक्षी दलों की सरकार बनने का भी जिक्र किया और पूछा कि क्या इन राज्यों में हुए चुनाव भी कथित ‘वोट चोरी’ से प्रभावित थे।

हिमाचल के स्थानीय चुनावों का भी बीजेपी ने दिया उदाहरण

बीजेपी ने अपने आरोपों के समर्थन में हिमाचल प्रदेश के जिला परिषद चुनावों का भी उल्लेख किया। पात्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने 11 जिला परिषदों में जीत हासिल की है और इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था।

बीजेपी का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया पर व्यापक सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अलग-अलग चुनावों के परिणामों और उनके पीछे मौजूद चुनावी प्रक्रिया को भी स्पष्ट रूप से देखना चाहिए।

विपक्ष का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

Form 6 और SIR को लेकर विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध भी जारी है। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है।

वहीं, बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है।

फिलहाल Form 6 में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। अदालत के सामने अब रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए और इसमें किस स्तर पर निर्णय लिया गया था। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज हो रही है।

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By EDITOR

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