टेलीविजन के लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के पहले सीजन का खिताब जीतकर रातोंरात देशभर में पहचान बनाने वाले गायक अभिजीत सावंत एक बार फिर चर्चा में हैं। साल 2004 में इंडियन आइडल के विजेता बनने के बाद अभिजीत ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी गायकी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और वह जल्द ही घर-घर में पहचाने जाने लगे। लेकिन इस बड़ी सफलता के बाद उन्होंने कई सालों तक टेलीविजन से दूरी बना ली थी।
अब अभिजीत सावंत ने खुद बताया है कि आखिर उन्होंने इंडियन आइडल जीतने के बाद छोटे पर्दे से दूर रहने का फैसला क्यों किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय टेलीविजन से दूरी बनाकर केवल फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग पर ध्यान देना उनका सही फैसला नहीं था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि जिस मंच ने उन्हें पहचान और लोकप्रियता दिलाई, उससे दूर रहना उनके करियर के लिए बेहतर विकल्प नहीं था।
अभिजीत इन दिनों Indian Idol: Legends Return के जरिए एक बार फिर उसी मंच पर नजर आ रहे हैं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई थी। करीब 22 साल बाद इंडियन आइडल से जुड़ना उनके लिए पुरानी यादों को ताजा करने वाला अनुभव है। इस दौरान उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों, टीवी से दूरी बनाने के फैसले और छोटे पर्दे पर वापसी को लेकर खुलकर बात की है।
प्लेबैक सिंगिंग पर ध्यान देने के लिए छोड़ा था टेलीविजन
अभिजीत सावंत ने The Indian Express को दिए इंटरव्यू में बताया कि इंडियन आइडल जीतने के बाद उन्होंने जानबूझकर टेलीविजन से दूरी बनाने की कोशिश की थी। उस समय वह अपने करियर को एक अलग दिशा देना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि वह केवल रियलिटी शो के जरिए लोकप्रिय रहने के बजाय फिल्मों में भी अपनी गायकी की पहचान बनाएं।
इसी वजह से उन्होंने कुछ समय तक टीवी कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी और प्लेबैक सिंगिंग पर ध्यान देने का फैसला किया। प्लेबैक सिंगिंग में गायक फिल्मों के लिए गाने रिकॉर्ड करते हैं, जिन्हें बाद में फिल्म के कलाकारों पर फिल्माया जाता है। अभिजीत भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते थे।
हालांकि, कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि टेलीविजन से पूरी तरह दूर रहना उनके लिए सही रणनीति नहीं थी। इंडियन आइडल ने उन्हें जो पहचान दिलाई थी, वह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी। ऐसे में उस मंच से दूरी बनाकर रखना उनके लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ।
अभिजीत ने अपने फैसले के बारे में कहा, “मैंने जानबूझकर टेलीविजन से दूर रहने की कोशिश की थी, लेकिन वह मेरा गलत फैसला था। मुझे लगा कि मुझे वापस आना चाहिए। इसके बाद मैंने दूसरे शोज भी करने शुरू किए, क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि लोग मुझे टेलीविजन पर देखना पसंद करते हैं। मैंने टीवी से ब्रेक लिया था और सिर्फ प्लेबैक सिंगिंग में जाना चाहता था। लेकिन फिर समझ आया कि मेरी शुरुआत टेलीविजन से हुई थी और मुझे इस पर भी काम करना चाहिए।”
उनके इस बयान से साफ है कि शुरुआती दौर में वह अपने करियर को फिल्मों की गायकी तक सीमित करना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्हें टेलीविजन की लोकप्रियता और दर्शकों से मिलने वाले जुड़ाव की अहमियत समझ आई।
‘मैं टेलीविजन पर ही एक सिंगर और परफॉर्मर के रूप में पैदा हुआ’
अभिजीत सावंत ने इंटरव्यू में टेलीविजन के साथ अपने रिश्ते को भी खास बताया। उनके मुताबिक, छोटे पर्दे ने उन्हें केवल लोकप्रियता ही नहीं दी, बल्कि एक गायक और परफॉर्मर के रूप में उनकी पहचान बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि दर्शक उन्हें सिर्फ एक रियलिटी शो के विजेता के तौर पर नहीं देखते, बल्कि टेलीविजन के एक लोकप्रिय चेहरे के रूप में भी पहचानते हैं। यही पहचान उनके करियर के लिए एक बड़ा फायदा है।
अभिजीत ने कहा, “मैं टेलीविजन का हिस्सा हूं। एक सिंगर और परफॉर्मर के रूप में मेरा जन्म टेलीविजन पर ही हुआ है। इसलिए मेरे लिए टीवी से दूर रहना थोड़ा मुश्किल है। लोग मुझे सिर्फ एक रियलिटी शो सिंगर के रूप में नहीं देखते। अभिजीत सावंत को हमेशा टेलीविजन के एक लोकप्रिय चेहरे के तौर पर देखा जाता है। यह मेरे और मेरे करियर के लिए एक बड़ा फायदा है।”
उनकी इस बात से पता चलता है कि वह अब टेलीविजन को अपने करियर का एक अहम हिस्सा मानते हैं। जिस माध्यम से उन्हें पहली बड़ी पहचान मिली, उसी माध्यम पर दर्शकों के बीच बने रहना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
22 साल बाद उसी इंडियन आइडल मंच पर वापसी
अभिजीत सावंत के लिए Indian Idol: Legends Return में वापसी केवल एक नए शो का हिस्सा बनना नहीं है। यह उनके लिए उस पुराने सफर को दोबारा याद करने का मौका भी है, जिसने उनकी जिंदगी और करियर को बदल दिया था।
साल 2004 में इंडियन आइडल का पहला सीजन जीतने के बाद अभिजीत को देशभर में पहचान मिली थी। उस समय रियलिटी सिंगिंग शो के जरिए किसी गायक का इस तरह लोकप्रिय होना उनके करियर के लिए बड़ी उपलब्धि थी। अब करीब 22 साल बाद उसी मंच पर लौटकर वह अपने शुरुआती दिनों की यादों को फिर से जी रहे हैं।
अभिजीत ने बताया कि शो में लौटने के बाद उनके मन में पुराने दिनों की कई यादें ताजा हो गईं। जिस मंच से उन्हें पहली बड़ी सफलता मिली थी, वहां दोबारा पहुंचना उनके लिए खास अनुभव है। वह इस वापसी को लेकर उत्साहित हैं और शो के साथ नई यादें बनाना चाहते हैं।
इस बार जीत नहीं, पुराने सफर को दोबारा जीना है मकसद
अभिजीत सावंत ने यह भी स्पष्ट किया कि Indian Idol: Legends Return में उनकी वापसी किसी प्रतियोगिता के उद्देश्य से नहीं हुई है। वह इस बार किसी को हराने या खिताब जीतने के बजाय पूरे अनुभव का आनंद लेना चाहते हैं।
उनके लिए यह शो अपने पुराने सफर को याद करने, साथी कलाकारों से मिलने और संगीत से जुड़ी यादों को फिर से ताजा करने का अवसर है। इंडियन आइडल ने उनके करियर को जिस तरह नई पहचान दी थी, उसी मंच पर लौटना उनके लिए भावनात्मक रूप से भी खास है।
इसलिए वह इस कार्यक्रम को मुकाबले के बजाय एक ऐसे अनुभव के रूप में देख रहे हैं, जहां पुराने प्रतिभागियों और कलाकारों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।
बिग बॉस मराठी और सेलिब्रिटी मास्टरशेफ में भी नजर आए अभिजीत
इंडियन आइडल जीतने के बाद अभिजीत सावंत ने संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाए रखने की कोशिश की। शुरुआती दौर में उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग पर ध्यान देने के लिए टेलीविजन से दूरी बनाई, लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने फिर छोटे पर्दे पर सक्रियता बढ़ाई।
हाल के वर्षों में अभिजीत Bigg Boss Marathi और Celebrity MasterChef जैसे कार्यक्रमों में भी नजर आ चुके हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को उनके व्यक्तित्व का एक अलग पहलू देखने का मौका मिला।
अभिजीत के मुताबिक, उन्हें यह समझ आया कि दर्शक उन्हें टेलीविजन पर देखना पसंद करते हैं। ऐसे में टीवी से दूर रहने के बजाय इससे जुड़े रहना उनके करियर के लिए फायदेमंद हो सकता है। अब Indian Idol: Legends Return में उनकी मौजूदगी इसी वापसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
‘इंडियन आइडल: लीजेंड्स रिटर्न’ में कई पुराने विजेता और फाइनलिस्ट शामिल
Indian Idol: Legends Return में अभिजीत सावंत के अलावा शो के कई पुराने विजेता और फाइनलिस्ट भी शामिल हैं। इस कार्यक्रम में अलग-अलग सीजन के प्रतिभागियों को एक बार फिर मंच साझा करने का मौका मिल रहा है।
शो में सलमान अली, मोहम्मद दानिश, देवेंद्र पाल सिंह, मयूरी साहा, स्वरूप खान, रितिका राज, प्राजक्ता शुक्रे, अमित सना, सेनजुति दास, निहाल टौरो, सुभाजीत चक्रवर्ती, बिदिप्ता चक्रवर्ती, आशीष कुलकर्णी, सायली कांबले, तनिष्क शुक्ला, मायस्कम्मे बोसु, अंशिका चोंकर, ऋषि सिंह, मनराज वीर सिंह, मानसी घोष, अंकुश भारद्वाज, सिरीशा भगवतुला और चेतना भारद्वाज जैसे नाम शामिल हैं।
इन सभी पुराने प्रतिभागियों की मौजूदगी से शो में इंडियन आइडल के अलग-अलग सीजन की यादें फिर से ताजा हो रही हैं। दर्शकों को उन गायकों को दोबारा देखने का अवसर मिल रहा है, जिन्होंने अपने-अपने सीजन के दौरान अपनी आवाज और प्रदर्शन से पहचान बनाई थी।
टेलीविजन से दूरी बनाने के फैसले पर अब क्या सोचते हैं अभिजीत?
अभिजीत सावंत के हालिया बयान से उनके करियर के एक अहम फैसले के बारे में जानकारी मिलती है। इंडियन आइडल जीतने के बाद वह फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के जरिए आगे बढ़ना चाहते थे, इसलिए उन्होंने टेलीविजन से दूरी बनाई। लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि टीवी उनके करियर की शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण मंच रहा है और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता का भी बड़ा आधार है।
अब वह टेलीविजन को अपने करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। 22 साल बाद इंडियन आइडल के मंच पर लौटना उनके लिए पुराने सफर को याद करने और दर्शकों से दोबारा जुड़ने का अवसर है। अभिजीत की वापसी के साथ एक बार फिर उस पहले सीजन की यादें ताजा हो गई हैं, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई थी।
