Cockroach Janta Party (CJP) की ओर से Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। CJP की ओर से 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर मार्च और प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। संगठन की ओर से यह प्रदर्शन Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कथित अनियमितताओं के विरोध में किया जा रहा है।
बुधवार को CJP के प्रतिनिधियों के Parliament Street पुलिस स्टेशन पहुंचने और प्रस्तावित मार्च के लिए अनुमति से संबंधित पत्र सौंपने की सूचना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए। Parliament Street पुलिस स्टेशन, Sansad Marg, Tolstoy Marg और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है।
CJP नेता आज सौंपेंगे सूचना पत्र
CJP के सह-संयोजक Saurav Das ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे Parliament Street पुलिस स्टेशन पहुंचकर 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर प्रस्तावित मार्च के संबंध में सूचना पत्र सौंपेंगे।
Saurav Das ने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। CJP की ओर से इसी आधार पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस को औपचारिक सूचना देने की बात कही गई है।
इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली पुलिस ने Parliament Street पुलिस स्टेशन के बाहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस की तैयारी को देखते हुए क्षेत्र में किसी भी तरह की भीड़ या प्रदर्शन की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
Jantar Mantar और Election Commission कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग
Jantar Mantar पहले से ही प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पिछले कई दिनों से यहां Election Commission और CEC Gyanesh Kumar से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
पुलिस ने Jantar Mantar स्थित प्रदर्शन स्थल के साथ-साथ Election Commission of India के कार्यालय और आसपास की सड़कों पर भी बैरिकेडिंग की है। Sansad Marg और Barakhamba Road समेत कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस पिकेट लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी की जा रही है। Connaught Place में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मंगलवार रात महिला प्रदर्शनकारियों के एक समूह के वहां पहुंचने के बाद पुलिस ने इस क्षेत्र में निगरानी और बढ़ा दी।
150 से ज्यादा बॉडी कैमरों से होगी निगरानी
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को रिकॉर्ड करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 150 से ज्यादा बॉडी कैमरों से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। इन कैमरों के जरिए प्रदर्शन के दौरान होने वाली गतिविधियों, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित टकराव तथा हिरासत की कार्रवाई को रिकॉर्ड किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए घटनाओं की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक बॉडी कैमरों का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का स्पष्ट रिकॉर्ड मौजूद रहे।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब शनिवार को हुए एक प्रदर्शन के दौरान तीन महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस मामले में तीन शिकायतें प्राप्त हुई हैं और उन्हें Crime Branch को जांच के लिए भेज दिया गया है।
INDIA bloc के प्रदर्शन में 260 लोगों को हिरासत में लिया गया
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से CEC Gyanesh Kumar और SIR से जुड़े मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। मंगलवार को INDIA bloc की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में 10 सांसद भी शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा New Delhi jurisdiction में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया।
इससे पहले सोमवार को भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन घटनाओं को लेकर पांच FIR भी दर्ज की थीं।
कई संगठन कर चुके हैं प्रदर्शन
CEC Gyanesh Kumar को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में केवल CJP ही नहीं, बल्कि कई अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी शामिल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में AISA, INDIA bloc और AAP समेत कई संगठनों ने दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं।
प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य रूप से Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।
वहीं, दिल्ली पुलिस का ध्यान प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने पर है।
10 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च पर नजर
CJP ने 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर मार्च और प्रदर्शन की योजना बनाई है। अब सबसे अहम बात यह होगी कि पुलिस इस प्रस्तावित मार्च को लेकर क्या निर्णय लेती है और CJP को किस तरह की अनुमति या शर्तें दी जाती हैं।
बुधवार को CJP की ओर से सूचना पत्र सौंपे जाने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल Parliament Street, Sansad Marg, Jantar Mantar, Election Commission कार्यालय और Connaught Place समेत कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लगातार हो रहे प्रदर्शनों और पिछले दिनों हुई पुलिस कार्रवाई को देखते हुए दिल्ली पुलिस इस बार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है। 10 अक्टूबर के प्रस्तावित CJP मार्च को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैनाती आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
