तेलंगाना के निजामाबाद जिले के भीमगल कस्बे में सोमवार को एक चाय की दुकान चलाने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन के बाहर कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। पुलिस के मुताबिक, व्यक्ति पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर थाने पहुंचा था। घटना के बाद पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। आरोप है कि इसी अधिकारी ने चाय विक्रेता के खिलाफ देर रात दुकान चलाने के मामले में एक छोटा केस दर्ज किया था।
पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा
रिपोर्ट के मुताबिक, 55 वर्षीय चाय विक्रेता सोमवार सुबह पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा। कुछ देर बाद उसने थाने के बाहर कथित तौर पर खुद को आग लगा ली।
घटना को देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया और आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया।
उसकी हालत और चोटों की गंभीरता के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
सिगरेट खरीदने को लेकर किराना दुकानदार से विवाद
पुलिस ने घटना के पीछे एक स्थानीय किराना दुकानदार के साथ विवाद को संभावित कारण बताया है।
पुलिस के अनुसार, चाय विक्रेता पहले इसी किराना दुकान से सिगरेट और अन्य सामान खरीदता था। हाल में उसने वहां से सामान खरीदना बंद कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद किराना दुकानदार ने दो स्थानीय पत्रकारों को उसके पास भेजा और उसे धमकाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि इसी विवाद से चाय विक्रेता परेशान था और संभवतः इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस ने चाय विक्रेता के खिलाफ भी दर्ज किया था मामला
इस घटना का एक दूसरा पहलू पुलिस की ओर से दर्ज किए गए पुराने मामले से जुड़ा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चाय विक्रेता के खिलाफ देर रात तक चाय की दुकान चलाने को लेकर एक मामूली मामला दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई नियमित प्रवर्तन अभियान के तहत की गई थी।
पुलिस के अनुसार, संबंधित सब-इंस्पेक्टर ने उसे मामले में अदालत के माध्यम से जुर्माना भरने के लिए कहा था।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस कार्रवाई और पुलिस के रवैये को लेकर चाय विक्रेता परेशान था। इसी वजह से उन्होंने संबंधित सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
घटना की जानकारी सामने आने के बाद भीमगल कस्बे में स्थानीय लोगों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिस सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि चाय विक्रेता ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
हालांकि पुलिस की ओर से घटना के पीछे मुख्य रूप से किराना दुकानदार के साथ विवाद को संभावित कारण बताया गया है।
इसलिए मामले में सामने आए अलग-अलग दावों की पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस के दावे और स्थानीय लोगों के आरोप अलग-अलग
इस घटना में फिलहाल दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पुलिस के अनुसार, चाय विक्रेता और किराना दुकानदार के बीच सिगरेट और अन्य सामान की खरीद को लेकर विवाद था। पुलिस का दावा है कि दुकानदार की ओर से कथित तौर पर दो स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से चाय विक्रेता को धमकाने की कोशिश की गई थी।
वहीं, स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का जोर पुलिस कार्रवाई पर है। उनका कहना है कि चाय विक्रेता के खिलाफ दर्ज किए गए मामले और पुलिस अधिकारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
ऐसे में पुलिस के सामने अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की चुनौती है कि घटना से पहले चाय विक्रेता किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और किन घटनाओं के बाद उसने यह कदम उठाया।
मामले की जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में चाय विक्रेता और किराना दुकानदार के बीच हुए विवाद, कथित धमकी, स्थानीय पत्रकारों की भूमिका और पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मामले समेत सभी पहलुओं को देखा जा सकता है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटना से पहले संबंधित लोगों के बीच कोई विवाद या बातचीत हुई थी या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना के पीछे किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच और संबंधित लोगों के बयान सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
घटना ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए
पुलिस स्टेशन के बाहर इस तरह की घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई और शिकायतों से निपटने के तरीके को लेकर भी सवाल उठे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि चाय विक्रेता के खिलाफ दर्ज मामला नियमित कार्रवाई का हिस्सा था और उसे अदालत में जुर्माना भरने के लिए कहा गया था।
दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि चाय विक्रेता द्वारा उठाए गए कदम और उसके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बीच वास्तविक संबंध क्या था।
फिलहाल घायल चाय विक्रेता का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस पूरे मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।
