मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध और तेज करने का फैसला किया है। कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाने का ऐलान किया। पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इनमें से जो लोग पात्र हैं, उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए।
कांग्रेस ने इस अभियान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की भी मांग की है। पार्टी के अनुसार, अभियान 10 अक्टूबर से 26 नवंबर तक विभिन्न चरणों में चलेगा। इस दौरान देशभर में बाइक रैलियां, पदयात्राएं, ब्लॉक स्तर के प्रदर्शन, गांवों में बैठकें, रैलियां और दिल्ली में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी की तैयारी बैठक में नेताओं को संबोधित किया। बैठक में कांग्रेस के महासचिव, राज्य प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए।
कांग्रेस का दावा- 13 करोड़ नाम हटाए गए
कांग्रेस का मुख्य आरोप मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ यानी 130 मिलियन नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इनमें ऐसे पात्र मतदाता भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि ऐसे सभी पात्र मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।
हालांकि, 13 करोड़ नाम हटने का आंकड़ा कांग्रेस की ओर से उठाया गया दावा है और इसे यह नहीं माना जाना चाहिए कि हटाए गए सभी मतदाता पात्र मतदाता थे। चुनावी सूची के पुनरीक्षण में मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या अन्य कारणों से अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया भी शामिल होती है। इसी मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद चल रहा है।
10 अक्टूबर से शुरू होगा देशव्यापी अभियान
कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा बताई। उनके अनुसार, 10 से 20 अक्टूबर के बीच देशभर में ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में:
- बाइक रैलियां
- साइकिल रैलियां
- पदयात्राएं
- स्थानीय प्रदर्शन
- पर्चे बांटने जैसे कार्यक्रम
शामिल होंगे।
कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के मुद्दे को स्थानीय स्तर तक ले जाने की योजना बनाई है। पार्टी का कहना है कि सिर्फ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने के बजाय गांव और ब्लॉक स्तर तक जाकर उन लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम मतदाता सूची से हटे हैं।
‘वोट रक्षक’ करेंगे मतदाताओं की पहचान
कांग्रेस ने अपने जमीनी अभियान के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘वोट रक्षक’ नाम दिया है।
वेणुगोपाल के अनुसार, 25 अक्टूबर से एक महीने तक गांव स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के दौरान पार्टी कार्यकर्ता ऐसे वास्तविक या पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि इन बैठकों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े मामलों को सामने लाया जाएगा और पार्टी ऐसे मतदाताओं के नाम बहाल कराने के लिए अभियान चलाएगी।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली
कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। यह रैली 1 नवंबर को प्रस्तावित है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी ने विपक्षी दलों को इस मार्च और रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले से चल रहे INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों को भी व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है।
DMK और AAP को भी साथ आने का न्योता
इस बार कांग्रेस ने अपने दो पूर्व सहयोगियों DMK और आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
AAP लोकसभा चुनाव के बाद INDIA ब्लॉक से अलग हो चुकी है, जबकि DMK ने इस साल जून में कांग्रेस से संबंध तोड़ लिए थे। इसके बावजूद कांग्रेस ने दोनों दलों को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित मार्च और रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
कांग्रेस के इस कदम को विपक्षी एकता को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से इस पूरे अभियान में किस स्तर पर भागीदारी होगी, यह अलग-अलग कार्यक्रमों के समय स्पष्ट होगा।
मंगलवार को चुनाव आयोग तक मार्च की तैयारी
कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मंगलवार को दिल्ली में संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च का भी कार्यक्रम बनाया है। इस मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी और उनके पद से हटाए जाने की मांग किए जाने की योजना है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान SIR, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और Form 6 को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
Form 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता सूची में नाम शामिल करने से जुड़ा महत्वपूर्ण फॉर्म है। हालिया विवाद में इस फॉर्म की प्रक्रिया और उसके इस्तेमाल को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
25-26 नवंबर को छह यात्राएं निकालने की योजना
कांग्रेस ने आंदोलन को नवंबर के अंत तक जारी रखने की योजना बनाई है।
25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के आसपास कांग्रेस छह यात्राएं निकालने की तैयारी कर रही है। ये यात्राएं हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से निकलेंगी और पार्टी के अनुसार मतदाता अधिकार तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएंगी।
इस तरह कांग्रेस का आंदोलन सिर्फ एक दिन या एक सप्ताह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अक्टूबर से नवंबर के अंत तक चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना बनाई गई है।
खरगे ने CEC को हटाने की मांग दोहराई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।
खरगे ने पार्टी नेताओं से कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में वापस लाना कांग्रेस के अभियान का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाने की बात कही।
राहुल गांधी ने NSUI को भी सक्रिय होने को कहा
राहुल गांधी ने बैठक में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि आंदोलन को इस तरह चलाया जाए कि आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी बढ़े।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को आम लोगों का मुद्दा बताया। उन्होंने पार्टी के छात्र संगठन को भी विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा।
कांग्रेस का मानना है कि युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक इस अभियान को पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा।
Form 6 को लेकर भी कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस के इस अभियान में Form 6 का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान Form 6 को लेकर ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही भी महत्वपूर्ण है। हालिया सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने किसी कथित संशोधित Form 6 को मंजूरी नहीं दी थी।
इससे Form 6 को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हुआ है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। दूसरी तरफ मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाना भी चुनावी प्रशासन का हिस्सा है।
इसी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान की प्रक्रिया भी शुरू की है, जो पुनरीक्षण के दौरान सूची से बाहर रह गए हो सकते हैं।
इसलिए आने वाले समय में यह महत्वपूर्ण होगा कि हटाए गए नामों में से कितने पात्र मतदाताओं के नाम वास्तव में दोबारा जोड़े जाते हैं।
कांग्रेस के अभियान का अगला चरण क्या होगा?
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आंदोलन तीन स्तरों पर आगे बढ़ेगा।
पहले चरण में 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन और पदयात्राएं होंगी। इसके बाद 25 अक्टूबर से गांव स्तर पर बैठकें शुरू की जाएंगी, जिनमें पार्टी कार्यकर्ता मतदाता सूची से जुड़े मामलों की पहचान करेंगे।
इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली और 25-26 नवंबर को छह यात्राएं प्रस्तावित हैं।
कांग्रेस इस पूरे अभियान को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नाम से चला रही है और इसका मुख्य केंद्र चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा रहेगा।
विवाद अब राजनीतिक आंदोलन में बदल रहा
मतदाता सूची में संशोधन और SIR को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और विपक्ष के बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदलता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को केवल संसद या अदालत तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे गांव और ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
दूसरी ओर, मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं को शामिल रखने को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया भी इस विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
आने वाले सप्ताहों में SIR, Form 6, हटाए गए मतदाताओं के नाम और CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है। मंगलवार का INDIA ब्लॉक मार्च और उसके बाद 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला कांग्रेस का देशव्यापी अभियान इस पूरे विवाद की अगली बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
