मध्य प्रदेश की चर्चित मुख्यमंत्री Ladli Behna Yojana को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक बयान सामने आया है। भोपाल में आयोजित बुंदेली समागम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना को राज्य सरकार के लिए काफी महंगी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस योजना का वित्तीय बोझ इतना बड़ा होगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान उस समय आया जब छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने उनसे मजाकिया अंदाज में पूछा कि सरकार ने अपनी ‘जिज्जियों’ यानी बहनों के लिए काफी कुछ किया है, अब ‘बिन्नुओं’ यानी बेटियों के लिए सरकार क्या करने वाली है।

इस पर मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्हें पहले यह नहीं पता था कि मुख्यमंत्री बनने के साथ Ladli Behna Yojana की इतनी बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी भी आएगी।

‘बहनों के मामले में कोई दिक्कत नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि Ladli Behna Yojana की शुरुआत ₹1,000 प्रति माह की सहायता से हुई थी। शुरुआत में योजना को लागू करने में कई चुनौतियां थीं, लेकिन अब पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह दिए जा रहे हैं।

उन्होंने बिन्नू रानी से कहा कि अभी उनकी उम्र योजना के लिए पात्र होने की नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के बाद वे भी इस योजना का लाभ ले सकेंगी।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब Ladli Behna Yojana मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल है और राज्य के बजट पर इसका बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ता है।

सालाना करीब ₹22,680 करोड़ का खर्च

मौजूदा समय में पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता दी जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, योजना पर राज्य सरकार का अनुमानित सालाना खर्च करीब ₹22,680 करोड़ तक पहुंचता है।

योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 जनवरी 2023 को की थी। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू की गई इस योजना का औपचारिक शुभारंभ 5 मार्च 2023 को हुआ था।

महिलाओं को पहली किस्त जून 2023 में मिली थी। उस समय प्रत्येक पात्र महिला को ₹1,000 प्रति माह दिए जाते थे।

बाद में इस राशि को बढ़ाकर ₹1,250 किया गया और नवंबर 2025 में इसे बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह कर दिया गया।

₹3,000 प्रति माह करने का भी वादा

Ladli Behna Yojana को लेकर BJP की ओर से यह वादा भी किया गया था कि आने वाले वर्षों में महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता को बढ़ाकर ₹3,000 तक किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देना और उनके घरेलू खर्च तथा आर्थिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना रहा है।

हालांकि, जहां एक ओर प्रति लाभार्थी मिलने वाली राशि बढ़ी है, वहीं योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाओं की कुल संख्या में कमी आई है।

लाभार्थियों की संख्या में लगातार कमी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 में योजना के तहत 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले रही थीं। जनवरी 2026 तक पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1.25 करोड़ रह गई।

इसके बाद सितंबर 2026 तक लाभार्थियों की संख्या में और कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक योजना शुरू होने के बाद से 6.25 लाख से अधिक महिलाएं लाभार्थी सूची से बाहर हो चुकी हैं।

महिलाओं के लाभार्थी सूची से बाहर होने के पीछे कई कारण हैं। इनमें 60 वर्ष की उम्र पूरी करना, मृत्यु और योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करना शामिल है।

हालांकि, नई पात्र महिलाओं के लिए पंजीकरण फिलहाल बंद होने के कारण लाभार्थियों की संख्या में कमी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

नई महिलाओं के पंजीकरण पर भी सवाल

Ladli Behna Yojana के नए पंजीकरण को दोबारा शुरू करने का मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है।

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार से पूछा था कि नई पात्र महिलाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब में कहा था कि इस संबंध में फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा सकती।

इसका मतलब यह है कि योजना से बाहर होने वाले लाभार्थियों की संख्या के मुकाबले नए लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

पहली किस्त में सरकार ने खर्च किए थे ₹1,143 करोड़ से ज्यादा

योजना की शुरुआत के समय सरकार को 1.31 करोड़ से अधिक आवेदन मिले थे। जांच और आपत्तियों के बाद करीब 2.18 लाख नाम हटाए गए, जिसके बाद लगभग 1.29 करोड़ महिलाएं पात्र पाई गई थीं।

पहली किस्त के दौरान कुल 1,18,22,623 महिलाओं को भुगतान किया गया था।

इनमें से 1,11,70,835 महिलाओं को ₹1,000 की पूरी राशि मिली थी। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली करीब 6.51 लाख महिलाओं को अंतर की राशि का भुगतान किया गया था।

पहली किस्त के भुगतान पर सरकार का कुल खर्च करीब ₹1,143.15 करोड़ रहा था।

क्यों अहम है मुख्यमंत्री का बयान?

Ladli Behna Yojana मध्य प्रदेश में महिला मतदाताओं तक सरकार की पहुंच का एक प्रमुख माध्यम रही है। योजना की राशि बढ़ने के साथ राज्य के खजाने पर इसका वित्तीय भार भी बढ़ा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान इसी बड़े वित्तीय खर्च के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने यह बात एक हल्के-फुल्के संवाद के दौरान कही, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि योजना राज्य के वित्तीय प्रबंधन में एक बड़ा खर्च बन चुकी है।

फिलहाल सरकार की ओर से महिलाओं को मिलने वाली ₹1,500 की मासिक सहायता जारी है। वहीं, भविष्य में इसे ₹3,000 तक बढ़ाने के वादे और नई पात्र महिलाओं के पंजीकरण को लेकर आगे क्या फैसला होता है, इस पर भी नजर रहेगी।

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By EDITOR

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